

नर्मदापुरम / भारत सरकार के खेल मंत्रालय, खेलो इंडिया, भारतीय साइक्लिंग फेडरेशन (सीएफआई) तथा जिला प्रशासन के सहयोग से नर्मदापुरम में आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया महिला साइक्लिंग लीग उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुई। प्रतियोगिता के साथ विश्व साइक्लिंग दिवस का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर नर्मदापुरम एवं आसपास के विभिन्न जिलों से आईं लगभग 150 महिला साइक्लिस्टों ने भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ शासकीय गृहविज्ञान महाविद्यालय परिसर से किया गया, जहां नगरपालिका उपाध्यक्ष अजय (अभय) वर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं समाजसेवी लोकेश तिवारी एवं डिप्टी कलेक्टर बबीता राठौर ने हरी झंडी दिखाकर साइक्लिंग रेस को रवाना किया। प्रतियोगिता का संचालन पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्थाओं के बीच किया गया।
इस अवसर पर जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर, जिला खेल अधिकारी उमा पटेल, डॉ. विशाल सिंह सेंगर (सचिव, भोपाल जिला साइक्लिंग एसोसिएशन), शुभम सिंह ठाकुर (साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया प्रतिनिधि) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, खेल प्रेमी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों की महिला प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने निर्धारित मार्ग पर साइक्लिंग करते हुए अपनी फिटनेस, धैर्य और कौशल का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान महिलाओं और बालिकाओं में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को देखकर उपस्थित अतिथियों ने उनकी सराहना की।
जिला खेल अधिकारी उमा पटेल ने बताया कि अस्मिता लीग देशभर में शहर, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की खेलों में सहभागिता बढ़ाना, फिटनेस के प्रति जागरूकता लाना तथा महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी यह दर्शाती है कि खेलों के क्षेत्र में महिलाएं निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
जिला पर्यटन प्रबंधक मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार शासन की विभिन्न योजनाओं को जमीन स्तर तक पहुंचा रहा है और हर एक प्रतिभा को उसकी सफलता का सम्मान कर रहा है श्री सिंह ने बताया कि अस्मिता महिला साइक्लिंग लीग का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेलों से जोड़ना, उन्हें शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा जमीनी स्तर पर साइक्लिंग संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
प्रतियोगिता के अंत में विभिन्न आयु वर्गों के विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता परिणाम….
मास्टर्स वर्ग…
स्वर्ण पदक – प्रीति साहू,
रजत पदक – शीला पारते,
कांस्य पदक – सृष्टि मालवीय।
सीनियर वर्ग….
स्वर्ण पदक – श्रीकांता राजपूत,
रजत पदक – रिया,
कांस्य पदक – डिंपल राठौर।
सब-जूनियर वर्ग….
स्वर्ण पदक – आस्था गौर,
रजत पदक – शनिव गौर,
कांस्य पदक – अंजली अश्वारे।
जूनियर वर्ग….
स्वर्ण पदक – सलोनी दुबे,
रजत पदक – रागिनी राजपूत,
कांस्य पदक – रागिनी पासी।
विश्व साइक्लिंग दिवस के अवसर पर प्रतिभागियों और नागरिकों को साइक्लिंग के स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय लाभों के प्रति भी जागरूक किया गया। आयोजन के समापन पर सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा खेल भावना और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का उद्देश्य महिला खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना तथा प्रदेश में साइक्लिंग संस्कृति को मजबूत करना है। कार्यक्रम की प्रतिभागियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।

