
नर्मदापुरम / मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तृप्ति शर्मा की उपस्थिति में शुक्रवार को श्रवण एवं वाक् बाधित समुदाय के सदस्यों के लिए “अनुगूंज” शीर्षक से राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ प्रातः 10:30 बजे मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक द्वारा जबलपुर से किया गया। कार्यक्रम का सफल आयोजन नर्मदा बधिर संस्था के अध्यक्ष श्री दीपक राय के माध्यम से किया गया, जिसमें श्रवण एवं वाक् बाधित समुदाय के सदस्य, दिव्यांगजन के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि, सांकेतिक भाषा दुभाषिए तथा अन्य हितधारकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में दिव्यांगजन आयुक्त श्री अजय खेमारिया ने मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिव्यांगजन के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश श्री विवेक रूसिया द्वारा श्रवण एवं वाक् बाधित समुदाय के लिए विकसित “संकेत वाणी” एप्लीकेशन की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस एप्लीकेशन के माध्यम से समुदाय के सदस्य विधिक अधिकारों से संबंधित जानकारी सरलता एवं सहजता से प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने श्रवण एवं वाक् बाधित समुदाय के लिए विशेष रूप से मीडिएटर्स को प्रशिक्षित किया है, जिससे मीडिएशन की प्रक्रिया अधिक सरल एवं सुलभ हो सकेगी। कार्यक्रम में न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री के. शिवानी, जिला विधिक सहायता अधिकारी अभय सिंह, सामाजिक न्याय विभाग से रितेश दत्ता तथा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र नर्मदापुरम् के अधिकारी उपस्थित रहे।

