ग्राम ताला नगरी में वृद्ध के गहने चोरी कर पहुंचाई थी चोट
एसपी, एएसपी और एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के निर्देशन पर पुलिस टीम की कार्रवाई
दयाराम फौजदार रिपोर्टर राज एक्सप्रेस नर्मदापुरम नर्मदापुरम।
पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन एवं अनुविभागीय अधिकारी जितेंद्र पाठक के निर्देशन में थाना देहात पुलिस द्वारा चोरी की नियत से घर में घुस कर पीड़िता को मारपीट कर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फरियादी छोटे राम ताल नगरी ने बताया था कि 8 जून को सुबह जब वह अपने खेत में बनी टीन शेड की टपरिया में पहुंचा और उसने यह देखा कि फरियादी की मां अजुध्दी बाई कीर टपरिया के बाहर आंगन में ओटले के पास खून से लतपत गंभीर रुप से घायल अवस्था में पड़ी थी । उसकी माँ के पैरों में पहनी हुई चांदी की पैर पट्टी एवं हाथों में पहने चांदी की चूड़े एवं गले में पहनी चांदी की चैन गायब थी और सभी जगह टपरिया के अन्दर बाहर खून पड़ा हुआ था । किसी अज्ञात व्यक्ति ने रात के समय खेत में बनी टीन सेड की टपरिया के अंदर घुसकर चोरी करने व अम्मा को जान से मारने की नियत से डंडे ,ईट ,पत्थर से मारपीट कर अम्मा के सिर में गंभीर चोट पहुंचाई है । जिस पर से फरियादी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
नर्मदापुरम से जिला वैज्ञानिक अधिकारी , फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट , साइबर सेल एवं डॉग स्क्वाड को घटना स्थल पर बुलाया गया। थाना देहात से उ नि खुमान सिंह पटेल एवं स उ नि प्रवीण शर्मा ,आरक्षक चेतन नरवरे को प्रत्येक पहलु पर विवेचना करने एवं पूछताछ करने के लिए घटना स्थल ग्राम तालनगरी में ही कैंप करने हेतु पाबंद किया गया एवं संदेही गणों की पता तलाश की गई जो काफी मशक्कत के बाद ग्राम के ही सिकंदर उर्फ़ शेखर कीर ,भीम कीर एवं रोशन कीर को अभिरक्षा में लिया गया । तीनों के द्वारा पीडिता के पहने हुए गहने चोरी करने के इरादे से घर में घुसना एवं पीड़िता के द्वारा उक्त तीनों आरोपीगणों घटना करना स्वीकार किये । सभी सामान जप्त किया गया है। आरोपी सिकंदर उर्फ़ शेखर कीर, भीम कीर रोशन पिता नर्मदाप्रसाद कीर थे। मुख्य भूमिका निरीक्षक सौरभ पाण्डेय उनि खुमान सिंह ,उ नि बी एस उइके , सउनि प्रवीण शर्मा , सउनि सुखनंदन नर्रे , प्रधान आरक्षक नवीन दुबे , प्रकाश रघुवंशी , आरक्षक चेतन नरवरे ,सुनील साहू , जितेंद्र राजपूत , कपिल विश्वकर्मा ,अरुण पाल की रही।

