
नर्मदापुरम / धार्मिक सार्वजनिक ट्रस्ट में वित्तीय अनियमितताओं, राजस्व भूमि संबंधी गड़बड़ियों एवं सूचना के अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध न कराए जाने के मामले में शिकायतकर्ता ने मंगलवार को आयोजित जिला जनसुनवाई में पुनः रिमाइंडर आवेदन प्रस्तुत किया।शिकायतकर्ता नीरज तिवारी ने बताया कि ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों, आय-व्यय, संपत्तियों के प्रबंधन तथा भूमि संबंधी मामलों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत पूर्व में भी जिला प्रशासन, पंजीयक लोक न्यास, राजस्व विभाग एवं अन्य सक्षम अधिकारियों को की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की प्रभावी जांच या कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारियां भी संबंधित विभागों द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट से संबंधित भूमि मामलों में नियमों की अनदेखी कर कार्य किए गए हैं, जिससे शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है।जनसुनवाई में दिए गए रिमाइंडर आवेदन में मामले की अतिशीघ्र,निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, संबंधित अभिलेख सुरक्षित रखने तथा दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकायुक्त, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) तथा अन्य सक्षम मंचों का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।

