दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
जिले में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने जिलेवासियों से अपील की है कि आगामी गणेशोत्सव, दुर्गा उत्सव और महालक्ष्मी पूजन में केवल मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की ही स्थापना करें।
कलेक्टर ने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएँ पूरी तरह प्राकृतिक होती हैं, विसर्जन के बाद यह पुनः मिट्टी में मिलकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहायक होती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिमाएँ जल और भूमि को प्रदूषित नहीं करतीं बल्कि प्रकृति के चक्र को सुरक्षित रखती हैं। इसके विपरीत, प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित प्रतिमाएँ लंबे समय तक जल में घुलती नहीं हैं। ये जलस्रोतों को प्रदूषित करती हैं और विसर्जन की पवित्र प्रक्रिया को भी अधूरा छोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार मनाने का आनंद प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखते हुए श्रद्धा और आस्था के साथ मनाने में है। कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष सभी नागरिक मिट्टी की प्रतिमाओं को अपनाएँ और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण का संदेश दें। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से लोगों को मिट्टी की प्रतिमाओं की महत्ता बताई जा रही है।

