
विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न मॉक ट्रायल में अपने उद्बोधन में कहा ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के विधिक ज्ञान, तार्किक क्षमता और नेतृत्व कौशल को निखारने का उत्कृष्ट मंच हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में व्यावहारिक विधिक समझ विकसित करते हैं तथा न्याय के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हैं। शासकीय विधि महाविद्यालय नर्मदापुरम में प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज के मार्गदर्शन एवं विभागाध्यक्ष शिवाकांत मौर्य के नेतृत्व में मॉक ट्रायल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय अतिथि गोकुल पटेल एवं महाविद्यालय की ओर से डॉ. महेंद्र कुमार पटेल की विशेष उपस्थिति रही। मॉक ट्रायल में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अंतर्गत दंडनीय अपराध पर आधारित चर्चित प्रकरण राज्य दिल्ली बनाम कुलजीत सिंह उर्फ रंगा एवं जसबीर सिंह उर्फ बिल्ला (1978) का मंचन किया गया। विद्यार्थियों ने न्यायालयीन प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन करते हुए अपने अभिनय एवं विधिक कौशल का प्रभावशाली परिचय दिया। मॉक ट्रायल में न्यायाधीश की भूमिका तनुश्री तोमर, लोक अभियोजक की भूमिका संस्कार गुप्ता तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की भूमिका प्रार्थना गौर एवं शिवम् यादव ने निभाई। सूत्रधार की भूमिका नबीला कुरैशी ने प्रस्तुत की। वहीं रजत यादव, जुगल किशोर, पुष्पक शर्मा, वंशिता, प्रतीक, अनुराधा, स्वाति, एरम बानो, गरिमा, जान्हवी, सचिन एवं अंजलि ने साक्षी, पीड़ित पक्ष के संबंधी, पुलिसकर्मी एवं चिकित्सकों की भूमिकाएं निभाईं। कार्यक्रम के अंत में मूट कोर्ट प्रभारी राजदीप सिंह भदौरिया ने आभार व्यक्त किया।

