
इटारसी / सिद्धार्थ आर्य वेलफेयर फाउंडेशन के अथक प्रयासों से यह गंभीर मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है कि शहर में सीवेज और नाली का गंदा पानी लोगों के घरों तक मिलकर आ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए सिद्धार्थ आर्य और स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की।
नगर पालिका द्वारा टेंडर के माध्यम से नई पाइपलाइन की सप्लाई भेजी गई, लेकिन पाइपों का व्यास केवल 2 इंच था, जिससे पानी के दबाव कम आने की संभावना थी। सिद्धार्थ आर्य ने बताया कि यह पाइपलाइन आगे बढ़ेगी, इसलिए शुरुआत में 4 इंच की पाइपलाइन होनी चाहिए, ताकि आगे जाकर 3 इंच और फिर 2 इंच किया जा सके, ताकि पानी का दबाव लगातार बना रहे। अगर शुरुआत में ही केवल 2 इंच पाइप लगाई जाती, तो आगे जाकर दबाव कम हो जाता और शुरुआती घरों को पानी मिलता, लेकिन आगे वाले घरों को नहीं। इस बात को समझते हुए, सभी लोगों ने तीव्र विरोध किया और नगर पालिका के मुख्य अधिकारी से मुलाकात की।
इस बीच, सिद्धार्थ आर्य वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से पीएमओ में भी शिकायत की गई, जिसके दबाव के चलते नगर पालिका पर गंदे पानी की शिकायत का दबाव बढ़ा और उन्होंने तत्काल प्रभाव से इसे सुधारने का प्रयास किया। सिद्धार्थ आर्य ने मौके पर जाकर कार्य रोका और सीएमओ कार्यालय में कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पाइप का व्यास 4 इंच होना चाहिए, ताकि पानी का दबाव स्थिर रहे और यह पाइपलाइन पूरे न्यास क्षेत्र में प्रभावी रहे।
इसके अलावा, उन्होंने नगर पालिका की नई कनेक्शन के लिए दोबारा रसीद वसूलने की योजना का भी विरोध किया, क्योंकि नागरिकों ने पहले ही कनेक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि यह नागरिकों की गलती नहीं है, और किसी भी हालत में दोबारा शुल्क नहीं देना होगा। उन्होंने मांग की कि पाइपलाइन लोगों के घरों के सामने से निकले, ताकि हर व्यक्ति को खुद लाइन क्रॉस न करनी पड़े, जिससे रोड और पाइप दोनों सुरक्षित रहें।
सिद्धार्थ आर्य व एन्यास समिति ने नगर पालिका को सख्त पत्र देकर तत्काल समाधान का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दबाव की समस्या हल नहीं हुई, तो यह पूरे न्यास क्षेत्र में पानी संकट को विकराल रूप देगी। यह कोई अस्थायी हल नहीं, बल्कि एक स्थायी, दीर्घकालिक समाधान होना चाहिए, ताकि आने वाले दशकों तक नागरिकों को पानी की समस्या न झेलनी पड़े।

