दयाराम फौजदार रिपोर्टर राज एक्सप्रेस नर्मदापुरम ।
मध्यप्रदेश शिक्षा की धरा है। इस पहचान को राज्य सरकार और सशक्त कर रही है। कक्षा 8 से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में एआई को शामिल करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि हम शिक्षा के क्षेत्र में विरासत के साथ-साथ नवाचार को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप, कक्षा 8वीं से 12वीं तक पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कौशल शिक्षा अनिवार्य रूप से सम्मिलित की जाएगा। विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास जानने भारतीय सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा। वहीं विद्यालयों से भावनात्मक जुड़ाव के लिए’पूर्व छात्र सम्मेलन’ तथा शिक्षा को घर-घर पहुंचाने हेतु ‘शिक्षा घर योजना’ को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रदेश के समस्त 1 शासकीय विद्यालयों में परिसर दीवार का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाएगा। अतिथि शिक्षक व्यवस्था के चलते शैक्षणिक शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व, 1 जुलाई तक अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी ।

