

सिवनी मालवा / अक्सर लोग अपना जन्मदिन दोस्तों और परिवार के बीच धूमधाम से मनाते हैं, लेकिन युवा समाजसेवी एवं पत्रकार राजा तिवारी ने इस बार अपना जन्मदिन उन बच्चों के साथ मनाया, जिनके हिस्से में शायद कभी ऐसी खुशियां नहीं आई थीं।
झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले छोटे-छोटे बच्चों को राजा तिवारी अपनी कार से रेस्टोरेंट लेकर पहुंचे। कई बच्चों के लिए यह पहली बार था जब वे कार में बैठे थे और किसी रेस्टोरेंट की सीढ़ियां चढ़े थे। वहां बच्चों के साथ केक काटा गया, स्वादिष्ट भोजन कराया गया और हर बच्चे के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
नन्हे अंकित ने मासूमियत से कहा, “हम कभी कार में नहीं बैठे थे, कभी रेस्टोरेंट में खाना नहीं खाया। लगता था वहां हमें जाने नहीं देंगे, लेकिन आज राजा भैया ने हमें इतना प्यार दिया कि यह दिन कभी नहीं भूलेंगे।”
बच्चों की आंखों में खुशी और चेहरे पर मुस्कान देखकर राजा तिवारी भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि असली खुशी दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में है। अगर हमारे छोटे से प्रयास से किसी जरूरतमंद बच्चे को खुशी मिलती है, तो वही सबसे बड़ा जन्मदिन का उपहार है।
यह पहल केवल जन्मदिन मनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गई कि खुशियां तब और खूबसूरत हो जाती हैं, जब उनमें जरूरतमंदों का हिस्सा भी शामिल हो।

