
नर्मदापुरम / आगामी 12 मई को होने वाले म. प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव को लेकर जहां प्रत्याशी पूरे प्रदेश में जनसंपर्क कर रहे है। वहीं चुनाव समिति के कुछ निर्णय का विरोध भी अधिवक्ताओं द्वारा किया जा रहा है। आज 5 मई को हाईकोर्ट अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आव्हान पर एक सभा का आयोजन सिल्वर जुबली हाल जबलपुर में किया गया। जिसमें जबलपुर के अलावा अन्य जिलो के पदाधिकारियों एवं चुनाव लड़ रहे कुछ प्रत्याशियों ने शिरकत की। नर्मदापुरम जिला अधिवक्ता संघ से सचिव मनोज जराठे और कार्यकारिणी सदस्य सौरभ तिवारी शामिल हुए। नर्मदापुरम जिला अधिवक्ता संघ सचिव मनोज जराठे ने बताया कि सभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि चुनाव समिति की गलतियों के कारण जिन ग्यारह प्रत्याशियों के फार्म निरस्त किए गए है। उन्हें चुनाव लडने की स्वीकृति दी जावे तथा दूसरा प्रस्ताव कि प्रदेश के करीब 52 हजार अधिवक्ताओं के नाम छूट गए है, उन्हें जोडा जावें। उन्होने कहा कि सभा में हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ अध्यक्ष धन्य कुमार जैन के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विरोध प्रत्याशियों और अधिवक्ताओं द्वारा किया गया। उच्च न्यायलय जबलपुर सचिव पारितोष त्रिवेदी ने कहा कि सभा में पारित प्रस्ताव बनाकर चुनाव समिति को भेजा जावेगा।
सभा को हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ अध्यक्ष धन्यकुमार जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी के साथ नर्मदापुरम अधिवक्ता संघ सचिव मनोज जराठे के अलावा अन्य ने संबोधित किया। श्री जराठे ने पुराने कार्यकारिणी सदस्यों को मत न देने की अपील के साथ कहा कि नए साथियो को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कि जो 25 चिन्हित प्रकरण बंद नहीं करा पाएं, जो साल में एक बार लोक अदालत न करा पाएं, लिगल डिफेन्स बंद नहीं करा पाएं उन्हें जीताना नहीं है। हाईकोर्ट अध्यक्ष धन्यकुमार जैन ने कहा कि यह लडाई सिर्फ मेरी नहीं यह लडाई सभी अधिवक्ताओं के मान सम्मान की लडाई है। सभी को एकजुट होकर कदम से कदम मिलाकर लडना होगा नहीं तो आने वाले पीढी माफ नही करेंगी।

