लोकायुक्त ने की कार्रवाई, प्रतिनियुक्ति सेवा होगी समाप्त
केसला ब्लाक के सोमुखेड़ा माध्यमिक शाला का मामला
अन्य स्कूलों पर बीआरसी कृष्ण कुमार शर्मा बना रहे थे दबाव
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम।
शहर के नजदीक केसला विकास खंड के सोमुखेड़ी माध्यमिक शाला के शिक्षक से बीआरसी 5 हजार की रिश्वत लेते धराया। इसके साथ ही अन्य शालाओं से भी रिश्वत का दबाव बना रहे थे। मध्यान्ह भोजन और कंटीजेंसी फंड ऑडिट के नाम पर यह रिश्वत ली गई थी। इसकी शिकायत लोकायुक्त में की गई थी और लोकायुक्त ने केस किया और फिर कार्यवाही की । एक साल पहले ही बीआरसी कृष्ण कुमार शर्मा ने ज्वाइन किया था । लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर यह कार्रवाई की। बीआरसी को लोकायुक्त में रंगे हाथों पकड़ा।
शिक्षक की शिकायत पर भोपाल से आई लोकायुक्त की टीम
माध्यमिक शाला के शिक्षक की शिकायत पर भोपाल से लोकायुक्त की टीम आई और रंगों हाथों रिश्वत लेते हुए बीआरसी को गिरफ्तार किया। सोमुखेड़ा माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक देवेंद्र पटेल ने विगत 9 अप्रैल को भोपाल लोकायुक्त में शिकायत की थी कि केसला में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक कृष्ण कुमार शर्मा मध्याह्न भोजन एवं कंटीजेंसी फंड के ऑडिट के नाम पर उनसे रिश्वत मांग रहे थे। उक्त शिक्षक के सर्किल के 4 अन्य स्कूलों से भी प्रति स्कूल 3000 रुपए कुल 15000 रुपए रिश्वत के लिए दवाब बना रहे थे। देवेंद्र पटेल की शिकायत के आधार पर लोकयुक्त पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर के निर्देशन में निरीक्षक रजनी तिवारी को मिलाकर एक टीम का गठन किया गया था। टीम ने केसला पहुंचकर बीआरसी केके शर्मा को शिक्षक देवेंद्र पटेल से रिश्वत के 5 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक रामदास कुर्मी, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मुकेश परमार , आरक्षक चैतन्य प्रताप सिंह शामिल रहे। शिकायत करने वाले शिक्षक देवेंद्र पटेल ने बताया कि बीआरसी शर्मा द्वारा शिक्षकों पर नियम विरुद्ध तरीके से पैसे देने के लिए दबाव बनाया जाता था। उन्होंने बताया कि मुझे साढ़े आठ हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी जिसके आवाज में साढ़े तीन हजार रुपए मेरे द्वारा पहले दिए चुके हैं दूसरी किस्त के रूप में आज 5 हजार देने आया था लेकिन उन्होंने पैसे हाथ में ना लेकर एक बैग में डलवा दिए । यही नहीं शर्मा द्वारा उक्त शिक्षक से रिश्वत के रूप में अनाज तक की मांग भी की गई थी।
इनका कहना है
बीआरसी पर लोकायुक्त ने केस दर्ज किया था और अब उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगों हाथ पकड़ा गया है। उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त की जाएगी । इसके बाद निलंबन की कार्यवाही की जाएगी । कलेक्टर को भी इससे अवगत कराया जाएगा और आगे जांच कर बीआरसी पर कार्यवाही होगी। जल्द ही केके शर्मा की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के लिए कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा जाएगा। आगे की कार्रवाई के लिए हम वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। इसके बाद जल्द ही उन पर कार्यवाही की जाएगी।
राजेश जायसवाल
डीपीसी नर्मदापुरम

