मिडघाट ले जाकर आग लगाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश, 4 अरेस्ट
बीमारी के लिए दवाई देने के नाम पर ट्रांसफर करवाए रुपए
पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को दी जानकारी
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में दोनों ही मामलों में टीम गठित कर त्वरित की कार्रवाई
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदापुरम।
शहर के समीपस्थ माखन नगर थाना अंतर्गत एक युवक की जादू टोने के शक में मिडघाट ले जाकर चार लोगों ने हत्या कर दी और शव जला दिया मोटरसाइकिल में भी आग लगा दी और भाग निकले। पुलिस टीम ने कुछ ही दिनों में हथियारों को पकड़ लिया। वहीं नर्मदा पुरम के रसूलिया क्षेत्र में एक युवक के साथ डॉक्टर बनकर दवाई देने के नाम पर एक लाख रुपए की ठगी हो गई । पुलिस ने साइबर की मदद से बदमाशों को अरेस्ट कर लिया अब आगे की कार्रवाई की जा रही है । इसको लेकर पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन ने कंट्रोल रूम में पत्रकारों को इसकी जानकारी दी । इस मौके पर माखन नगर एसडीओपी संजू चौहान , माखन नगर थाना प्रभारी अनूप कुमार उनके सहित कोतवाली और माखन नगर सहित साइबर पुलिस टीम भी मौजूद थी।
ऐसे चला युवक को मौत के घाट उतारने का सिलसिला
24 दिसंबर को फरियादी रेखा पगारे ने पुलिस को बताया कि उसका छोटा भाई चंदन नागवंशी अपनी मोटर साइकिल लेकर गया था जो वापस नहीं आया है। मामला कायम कर गुमशुदा की तलाश की जा रही थी।
पुलिस अधीक्षक , अति पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोहागपुर एसडीओपी संजू चौहान द्वारा थाना प्रभारी माखन नगर अनूप कुमार उइके के नेतृत्व में टीम गठित कर गुमशुदा की तलाश शुरू की। चंदन के संबंध में परिजनों एवं दोस्तों से पूछताछ की गई मृतक गांव के सुशील नागवंशी व अन्य के साथ देखने की जानकारी प्राप्त हुई थी । मृतक चंदन के मोबाइल नंबर पर कमलेश नागवंशी से बात होना पाया गया। कमलेश नागवंशी से पूछताछ करने पर बताया कि नागवंशी को पार्टी करने के लिए फोन किया था जो गांव रेत स्टाक के पास आया वहां से मृतक चंदन व 2 विधि विरोधी बालक मोटरसाइकिलों से बाबई तरफ निकले थे। 11 मील पर साहिल तेकाम भी उनको मिला फिर उसके बाद वे बुधनी गये । इसकी तस्दीक कराई गई, बुधनी तक के सीसीटीवी को चेक किया गया जो रास्ते के सीसीटीवी कैमरों में मृतक चंदन चारों लोगों के साथ जाता हुआ दिखा था। परंतु लौटते समय मृतक उनके साथ नहीं था। 4 संदेहियों से सख्ती से पूछताछ पर उनके द्वारा बताया कि मृतक चंदन नागवंशी की हत्या करके मिडघाट बुधनी के जंगल में फेंक दी और आग लगा दी। पुलिस को चंदन की अधजली लाश और डीलक्स मोटरसाइकिल जली हुई पाई गई मिली थी।
जादू टोने का शक
मुख्य आरोपी की मां की कुछ दिन पहले मौत हो गई थी। झाड़फूंक वाले लोगों से पुछवाया तो उन्होंने पड़ोस का नाम बताया। सुशील नागवंशी मृतक चंदन नागवंशी के परिवार से बदला लेना चाह रहा था। मिडघाट के जंगल में जाकर पाटी की। जब मृतक को ज्यादा नशा हो गया तो मुख्य आरोपी सुशील नागवंशी ने बड़ा से पत्थर उठाकर मृतक की सिर पर 2 बार पटक दिया इसके बाद विधि विरोधी बालक में उसी पत्थर को 2 बार और सिर पर पटक कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी साहिल तथा 1 विधि विरोधी बालक पेट्रोल लेकर आये और मृतक के शव पर डालकर शव को जला दिया एवं मृतक की मोटर साइकिल को वहीं जला दिया। पुलिस टीम को 10 हजार रुपए इनाम दिया जाएगा। सराहनीय भूमिका एसडीओपी सोहागपुर संजू चौहान, थाना प्रभारी माखन नगर अनूप कुमार उइके, उनि राजेन्द्र राजपूत, उनि अशोक बरबडे, सउनि गोपाल पाल, सउनि वीरेन्द्र शुक्ला, सउनि प्रकाश राजपूत, प्र आर तरुण चंदेल, आर आयुष, आर नरेश मलिक, चालक राहुल, आर अनिल, आर सुनील, आर दुर्गेश, आर अखिलेश, म आर सिंधू, सायबर सेल नर्मदापुरम आर संदीप, आर दीपेश एसडीओपी कार्यालय सोहागपुर के प्र आर 311 श्याम सिंह राजपूत सैनिक अशोक ब्रहमवंशी की सराहनीय भूमिका रही
फर्जी डॉ. बनकर बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्तियों से बीमारी ठीक करने के नाम पर अंतराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
वहीं इधर पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा ने बताया कि 13-14 दिसम्बर 2025 को गिरोह के अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपना नाम बदलकर परियादी संजय मिश्रा निवासी रसूलिया के पास तथा कथित दीपक शर्मा नाम के व्यक्ति द्वारा बीमारी ठीक जानने का बताते हुए परिचित डॉ. कुणाल पटेल का मोबाइल नंबर पीडित को दिया गया। जिस नंबर पर पीडित द्वारा कोल बात करने पर डी द्वारा घर आकर बैंक करने व ईलाज करने का कहते हुये अगले दिन डॉ. कुणाल पटेल तथा कथित अपने एक साथी के साथ पीड़ित के घर आकर बीमारी चेक कर अपना पेटेंट फार्मूला की महंगी दवाई से रोग ठीक होने का झांसा देकर मोबाइल से क्यूआर कोड दिखाकर पीड़ित से एक लाख रुपए ट्रांसफर कराकर दवाई नीचे गाड़ी में रखी है लाकर देते है बोलकर डॉ. व उसका साथी अपनी मोपेड गाड़ी से रफूचक्कर हो गए। भोपाल के नजदीक राजस्थान के कुछ घुम्म्कड़ डेरो के पास उक्त वाहन जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर MH40BZ0975 की गाड़ी दिखी टीम द्वारा हिकमत अमली से घेराबंदी कर अभिरक्षा मे लेकर थाना उपस्थित संदेहियों से की। इनमें मोहम्मद अली और मोहम्मद अल्ताफ को गिरफ्तार किया और एक साथी डॉक्टर कुणाल पटेल फरार है। इसमें सराहनीय भूमिका एसडीओपी जितेंद्र पाठक , थाना प्रभारी देहात सौरव पांडे, थाना प्रभारी कोतवाली कंचन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक हेमंत निशोद, सउनि प्रवीण शर्मा सउनि सुखनंदन नरे , प्रधान आरक्षक नवीन आरक्षक चेतन, आरक्षक जितेंद्र राजपूत, आरक्षक कपिल, आरक्षक सुनील, आरक्षक दीपेश, प्रशांत , संदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

