नर्मदापुरम / राम मंदिर, दतवासा तहसील डोलरिया में शोभायात्रा के साथ शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास भागवत भूषण डॉ. आचार्य पुष्कर परसाई ने शोभायात्रा के पश्चात शिव भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि शिव पुराण की कथा हमें उपदेश देती है कि शिव पर विश्वास होना जरूरी है। शिव विश्वास रूप हैं, ये शिव महादेव है कि शिव करुणा अवतार रहे हैं शिव की प्राप्ति भक्ति के रुपी श्रद्धा के बिना संभव नहीं है। शिव ब्रह्म है शिव देव नहीं महादेव है शिव देवताओं के भी गुरु है शिव दैत्यों के भी गुरु है। आचार्य श्री ने इसके पश्चात कहा कि ने कहा कि शिव पुराण की कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है । उन्होंने कहा कि हमें भगवान शिव की भक्ति उनकी गाथाओं का श्रवण करना चाहिए, ताकि हमारा मानस जन्म सुखमय बन सके। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान शिव को भगवान नारायण एवं भगवान नारायण को भगवान शिव अत्यंत प्रिय है अतः दोनों में भेद नही करना चाहिए । भगवान शिव से बड़ा कोई वैष्णव नही है और भगवान विष्णु से बड़ा कोई शैव नही । अतः भक्तों को भी इन दोनों में भेद नही करना चाहिए ।आयोजक- रिछारिया परिवार ने सभी से पधारने का आग्रह किया।

