

नर्मदापुरम / बाल विवाह जैसी कुप्रथा को मुक्त करने के लिए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें महिला बाल विकास पर्यवेक्षक चंद्र किरण डोले द्वारा स्कूली बच्चों को कम उम्र में विवाह करने पर शारीरिक मानसिक होने वाले नुकसान के बारे में और बाल विवाह कानून अपराध के बारे में चर्चा की गई, जिसमें एक लाख का जुर्माना 2 साल की सजा का प्रावधान है। बाल विवाह में शामिल होने वाले समस्त घराती बराती रसोइया, पंडित आदि भी अपराधी की श्रेणी में आते हैं। बाल विवाह होने की सूचना पास की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुलिस, स्कूल शिक्षक को सूचना दी जा सकती है। शपथ ग्रहण में उपस्थित महिला बाल विकास पर्यवेक्षक श्रीमती चंद्र किरण डोले, कार्यकर्ता, शिक्षक गण, बालिकाएं शामिल रही।

