
नर्मदापुरम / कोतवाली नर्मदापुरम पुलिस द्वारा मानवीय संवेदनशीलता एवं तत्परता का परिचय देते हुए दो अलग-अलग स्थानों से अपने परिजनों से बिछड़े दो बालकों को सकुशल खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
प्रथम प्रकरण में बालक सोमू उर्फ सौनिक पिता मोती पाल, उम्र 04 वर्ष, निवासी श्रीधाम कॉलोनी, चक्कर रोड, आदमगढ़, नर्मदापुरम चक्कर रोड क्षेत्र में अकेला घूमता मिला। जिसे राहगीर मुकेश चौहान निवासी चक्कर रोड नर्मदापुरम द्वारा थाना कोतवाली लाया गया। कोतवाली पुलिस स्टाफ द्वारा तत्परता से बालक के परिजनों की तलाश की गई। बालक के मामा छोटू पिता राजेन्द्र पाल को पहचान के उपरांत बालक को सुरक्षित सुपुर्द किया गया। परिजनों द्वारा बताया गया कि बालक घर से बिना बताए निकल गया था।
द्वितीय प्रकरण में बालक अम्मू पिता मनीष यदुवंशी, उम्र 07 वर्ष, निवासी ग्राम बिजुरी गुमई, जिला छिंदवाड़ा, थाना उमरेठ अपने परिजनों के साथ सेठानी घाट अस्थि विसर्जन हेतु आया था। इस दौरान बालक घाट से बिछड़कर तारहाटा क्षेत्र में पहुंच गया, जहां आजाद सिरवैया को मिलने पर उनके द्वारा बालक को थाना कोतवाली लाया गया। थाने पर तत्काल बालक के परिजनों की तलाश की गई, जो सेठानी घाट पर बालक के पिता मनीष यदुवंशी एवं चाचा दिनेश यदुवंशी मिले। परिजनों द्वारा बताया गया कि स्नान व पूजा-पाठ के दौरान बालक कहीं चला गया था। पहचान की पुष्टि उपरांत बालक अम्मू को उसके पिता एवं चाचा के सुपुर्द किया गया।
दोनों ही प्रकरणों में कोतवाली नर्मदापुरम पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बालकों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलवाया गया।
उक्त कार्रवाई में निरीक्षक कंचन सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक महेश जाट, आरक्षक कमलेश रामकुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कोतवाली नर्मदापुरम पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि बच्चों पर विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध या बिछड़े बच्चे की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

