


नर्मदापुरम / वुधवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल नर्मदापुरम जिले के द्वारा बांग्लादेशी हिंदू युवक दीपू चंद्रदास की भीड़ द्वारा की गई निर्मम हत्या के विरोध में सतरस्ते पर एकत्रित होकर उग्र प्रदर्शन के साथ जिहादी मानसिकता का पुतला दहन किया।
विहिप ने कहा कि बांग्लादेश में गुरुवार रात कथित आरोपों के बाद इस जघन्य घटना को अंजाम दिया गया, जिसकी हम निंदा करते हैं। दीपु चंद्र दास ने यह लिखा था कि “सभी भगवान अलग-अलग नामों से एक ही हैं।” इसे ईशनिंदा करार दिया गया और इसी कारण उसे जिंदा जला दिया गया। ऐसी सोच अत्यंत खतरनाक है क्योंकि यह भारत देश में धर्म निरपेक्षता की बुनियाद को ही चुनौती देती है। जिला मंत्री चेतन सिंह राजपूत ने कहा कि स्वयं को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली शक्तियाँ, अंतरराष्ट्रीय मीडिया के कुछ वर्ग और विश्वभर के मानवा धिकार मंच इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन क्यों हैं ? जिला संयोजक नितिन मेषकर ने कहा कि बांग्लादेश इस समय अनिश्चितता, अराजकता और कानून विहीनता के गंभीर दौर से गुजर रहा है। इस भयावह वातावरण में कट्टरपंथी और उग्रवादी तत्वों ने हिंदुओं,सिखों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बेलगाम हिंसा शुरू कर दी है। जिला सह संयोजक प्रदीप दायमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का यह नैतिक और मानवीय दायित्व है कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए।
ऐसे हालात में भारत मूक दर्शक बना नहीं रह सकता और न ही रहना चाहिए। भारत की परंपरा रही है कि वह दुनिया भर में उत्पीड़ित और पीड़ित समुदायों के साथ खड़ा रहा है।
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल भारत सरकार से आग्रह करता है कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव कूटनीतिक, राजनीतिक और मानवीय उपाय करे। इस कार्यक्रम में जिला समिति व 8 प्रखंड एवं मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की मातृ शक्तियां उपस्थित रही।

