
नर्मदापुरम / भारत के महान गायक मोहम्मद रफी की याद में रविवार को नेहरू पार्क में सुरीला नर्मदापुरम संगीत कार्यक्रम का 26 वां सप्ताह हुआ। कार्यक्रम से जुड़े हरीश मांझी ने बताया कि आगामी 24 दिसंबर को मोहम्मद रफी साहब का जन्मदिन है इसी अवसर पर रविवार को सुरीला नर्मदापुरम के सभी कलाकारों ने मोहम्मद रफी के सुपर डुपर हिट गीत गाए। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष नर्मदापुर युवा मंडल अध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल, मनीष परदेशी ने दीप प्रज्वलित कर की। संगीत का यह कार्यक्रम करीब तीन घंटे तक चला। नेहरू पार्क घूमने आए लोगों ने अपने परिवार के साथ गीत संगीत का जमकर लुफ्त उठाया।
*इन कलाकारों ने अपनी सुदिलो आवाज में गायक रफी के नगमें*
सुरीला नर्मदापुरम में रविवार को महान गायक मोहम्मद रफी की याद में पत्थर के सनम अतुल मंडलोई, बदन पे सितारे लपेटे हुए कमल राजपूत, तुम जो मिल गए हो राजेंद्र सिंह राजपूत, वादियां मेरा दामन चंद्रप्रभा नामदेव , बाबुल की दुआएं लेती जा मनोज यादव, के आजा तेरी याद आई अनुजा आचार्य, कौन है जो सपनों में आया रीतेश साहू., एक न एक दिन ये कहानी हेमंत साहू, ओ मेरे सोना रे भारती शुक्ला, ये मुलाक़ात एक बहाना कंचन बानोधा, जो वादा किया वो मोनल हरने, मस्त बहारों का में आशिक सूरज तलरेजा, तुझको पुकारे मेरा प्यार डॉ. चौधरी, तू इस तरह से मेरी जिंदगी में संजय साहा, पर्दा है पर्दा है आनंद शुक्ला, चाहे, कोई मुझे जंगली कहे नितिन परिता, कलियों ने घूंघट खोले विनय रैकवार, दीवाना हुआ बादल विवेक गौर, आज की रात मेरे दिल की संजीव सक्सेना, रात का समा झूमे चंद्रमा डॉ. नैना सोनी, चलो रे डोली उठाओ – प्रकाश आहूजा, जा रे जा ओ हरजाई राखी रोहर, ख़ुदा भी आसमां से जब जमीं पर मुकुल मालवीय, तेरी गलियों में न रखेंगे कदम शाहिद खान, यू ही तुम मुझसे बात करती हो हिमांशी परिता, मुझे कितना प्यार है तुमसे मनीष दुबे, हम थे जिनके सहारे माधवी दुबे, दिल दीवाना बिन सजना के संजना चौहान, तोड़ के पिंजरा एक न एक दिन पंछी को उड़ जाना है हरीश माँझी, दोनों ने किया था प्यार मगर चेतन मालवीय, मुझे इश्क़ है तुझी से राजकुमारी धुर्वे ने अपनी संगीत प्रस्तुति दी।

