

नर्मदापुरम / शासकीय विधि महाविद्यालय नर्मदापुरम के विद्यार्थियों ने महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कल्पना भारद्वाज के मार्गदर्शन में तथा स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक दिवसीय शैक्षणिक एक्स्पोज़र विज़िट के अंतर्गत मध्यप्रदेश विधानसभा का भ्रमण किया। यह शैक्षणिक भ्रमण पं. कुंजीलाल दुबे संसदीय विद्यापीठ के नेतृत्व एवं समन्वय से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम सरस्वती पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात संसदीय विद्यापीठ के संचालक राजेश गुप्ता, उपसंचालक एम के राजोरिया एवं महाविद्यालय की प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमणों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ संसदीय संस्थाओं की प्रत्यक्ष कार्यप्रणाली को समझना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनका व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित होता है। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता पुनीत श्रीवास्तव द्वारा विधानसभा की संसदीय प्रक्रिया एवं पद्धति पर विस्तार से उद्बोधन दिया गया। इस सत्र में विधेयकों की प्रस्तुति, प्रश्नकाल, शून्यकाल, समितियों की भूमिका तथा सदन की कार्यवाही की संवैधानिक प्रक्रिया को सरल एवं रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। द्वितीय सत्र में डॉ. कुसुम दीक्षित चौहान ने विद्यार्थियों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने आरटीआई के उद्देश्य, आवेदन की प्रक्रिया, अपील व्यवस्था तथा इसके माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने विधानसभा भवन एवं सभा कक्ष का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने संसदीय कार्यवाही के व्यावहारिक पक्ष को निकट से देखा और समझा। यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा।

