

नर्मदापुरम / नर्मदा एजुकेशन सोसायटी कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के बुधवाड़ा कैंपस में आज आध्यात्मिक वातावरण उस समय और अधिक पावन हो गया, जब सुबोधानंद फाउंडेशन के परमाध्यक्ष, ऋषिकेश से पधारे स्वामी ध्रुव चैतन्य सरस्वती के द्वारा महाविद्यालय में प्रवचन दिया गया। स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को धर्म, नीति और संस्कार आधारित जीवन की महत्ता समझाते हुए कहा कि “धर्मग्रंथों के ज्ञान और प्रेरणा से चलने वाला विद्यार्थी जीवन के हर क्षेत्र में सफल होता है। चरित्र, संयम और सदाचार महान ऊँचाइयों तक पहुँचा देते हैं।” उन्होंने बताया कि हमारे शास्त्रों में बताई गई नीतियाँ, अनुशासन और जीवन-मूल्य न केवल शिक्षा को सार्थक बनाते हैं, बल्कि भविष्य में मिलने वाले हर अवसर को श्रेष्ठ बनाते हैं। स्वामी जी ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे धर्म, नैतिकता और कर्तव्य को जीवन में सर्वोपरि रखें तथा समाज के लिए एक आदर्श नागरिक बने। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य ने स्वामी जी का सम्मान किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से नर्मदा एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष पंडित भवानी शंकर शर्मा, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत नर्मदापुरम एवम पूर्व विधायक गिरिजा शंकर शर्मा, महाविद्यालय के प्रबंधक अरुण शर्मा, समिति सदस्य वैभव शर्मा, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ज्योत्सना खरे, पंडित रामलाल शर्मा शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर प्रिंस जैन साथ ही महाविद्यालय के सभी विभागों के वरिष्ठ प्राध्यापक स्टाफ तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

