


नर्मदापुरम / जगदीशपुरा स्थित श्री राम मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद् नर्मदा महापुराण कथा के तृतीय दिवस राष्ट्रीय प्रवक्ता भागवत आचार्य पंडित सोमनाथ शर्मा ने कथा को प्रारंभ करते हुए नर्मदा परिक्रमा के महत्व को बताया। सभी तीर्थ में नर्मदा जी की परिक्रमा सबसे बड़ी है। 1780 मील की है यह परिक्रमा सभी प्रकार के पुण्य को प्रदान करने वाली है। इस कलयुग में नर्मदा जी की परिक्रमा का बहुत महत्व है मारकंडे जी ने महाराज युधिष्ठिर को इसका महत्व बताया है। साथ ही साथ बाणासुर की कथा बाण लिंग की कथा और सुंदर कथा के प्रसंग पर प्रकाश डाला गया। कथा के तृतीय दिवस रुचिकर कथा को सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कथा में नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र मंडलोई, एस एस ठाकुर, राकेश फौजदार, शंकरलाल पालीवाल व अन्य श्रधालु रहे। कथा के चतुर्थ दिवस परिक्रमा में पढ़ने वाले सुंदर तीर्थ का वर्णन किया जाएगा। कथा का आयोजन पूर्व विधायक पंडित गिरजाशंकर शर्मा व श्रीमती मांडवी शर्मा द्वारा कराया जा रहा है, कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2:00 से सायं 5:00 बजे तक है।

