
ग्वालियर / ग्वालियर न्यायालय ज्योत्सना ग्रेबियल न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ग्वालियर जिला ग्वालियर द्वारा आरोपी रमेश सिंह तोमर पुत्र स्व. बाबू सिंह तोमर उम्र 59वर्ष व्यवसाय ड्राईवर, हाल निवासी डी.डी.नगर, वैष्णोधाम फेस 3, जिला ग्वालियर एवं स्थाई निवासी इन्नी खैरा, पोस्ट साठी, थाना नगरा, जिला मुरैना (म.प्र.) को धारा 279, 338, 304ए भा.द.सं में से धारा 338 में 06 माह का सश्रम कारावास और 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है तथा अर्थदण्ड के व्यतिकम की दशा में 10 दिवस का साधारण कारावास तथा धारा 304ए में 01 वर्ष का सश्रम कारावास और 5000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है तथा अर्थदण्ड के व्यतिकम की दशा में 20 दिवस का साधारण कारावास से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से श्रीमती नेहा मिश्रा एडीपीओ द्वारा ने प्रकरण की घटना के बारे में बताया कि फरियादी धीरपाल सिंह ने थाना उपस्थित होकर जुबानी रिपोर्ट की कि वह अपनी कार से विनय प्रताप सिंह के साथ गुईसर गया था व उसके ससुर मकरंद तोमर व पत्नि सुशीला देवी एक्टिवा कमांक एम.पी.07 एस.ई 3565 से गये थे। गुईसर से वह विनय प्रताप अपनी कार से व मकरंद अपनी पत्नी के साथ एक्टिवा से वापस ग्वालियर आ रहे थे, उसकी कार मकरंद की ऐक्टिवा के पीछे आ रही थी। गणेशपुरा से जैसे ही हाईवे पर तान्या होटल के सामने आये टोल की ओर से ट्रोला का चालक तेजी व लापरवाही से ट्रोला कमांक एम.पी.09 एच. एफ 8862 चलाकर आया और उसके ससुर की एक्टिवा में टक्कर मार दी, जिससे एक्टिवा ट्रोला में फंस गई व धसिटते हुये काफी दूर तक चले गये। जिससे मकरंद की मौके पर ही मृत्यु हो गई तथा सुशीला देवी के सिर, पैर व शरीर में जगह-जगह चोटे आई। इलाज हेतु उन्हें बिरला अस्पताल में ले गया, बाद रिपोर्ट करने आया हूँ, कार्यवाही की जाये। उक्त घटना पर से पुलिस थाना मुरार के अपराध क्रमांक 07/2018 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट धारा-279, 337, 304ए भा.द.सं. के अंतर्गत पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शामीका बनाया गया, जप्तीपत्रक एवं गिरफ्तारी पत्रक बनाया गया। साक्षीगण के कथन अंकित किये गये। दौराने विवेचना आहत सुशीला देवी को फेक्चर होने से धारा 338 मा.द.स. का इंजाफा किया गया। बाद विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र दिनांक- 14.06.2018 को न्यायालय में पेश किया। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जप्ती पत्रक बनाया गया तथा साक्षीगण के कथन अंकित किये गये एवं अन्य कार्यवाही की गई बाद विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।
संपूर्ण विचारण के दौरान शासन की ओर से प्रस्तुत किये गये साक्षी एवं प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर आरोपी रमेश सिंह तोमर को माननीय न्यायालय द्वारा धारा 279, 338 304ए भा.द.सं कारावास एवं धारा 338 में 06 माह का सश्रम कारावास और 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है तथा अर्थदण्ड के व्यतिक्रम की दशा में 10 दिवस का साधारण कारावास तथा धारा 304ए में 01 वर्ष का सश्रम कारावास और 5000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है तथा अर्थदण्ड के व्यतिक्रम की दशा में 20 दिवस का साधारण कारावास से दण्डित किया गया।

