

नर्मदापुरम / जिला नर्मदापुरम के छोटे से गांव पांडूखेड़ी की सरल, कर्मठ और दृढ़ इच्छाशक्ति वाली युवती सुश्री मनीषा धुर्वे पिता सुखराम धुर्वे ने अपनी मेहनत और पारंपरागत ज्ञान से पूरे मध्यप्रदेश को गर्व से भर दिया है। वह अपने नाना गोपाल प्रसाद उइके से मिले संस्कारों और पारंपरिक महुआ ज्ञान को नई ऊँचाई देते हुए मनीषा ने ‘मधूवना’ की स्थापना की। आज उनके हाथों से बने महुआ लड्डू, च्यवनप्राश और कई पौष्टिक उत्पाद न सिर्फ गाँव की खुशबू लिए हुए हैं, बल्कि पूरे देश में स्वास्थ्य और स्वावलंबन का संदेश भी पहुँचा रहे हैं। 150वीं भगवान बिरसा मुंडा जयंती गौरव दिवस के ऐतिहासिक मंच पर, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में निर्मल चकमा सदस्य राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भारत, श्रीमती डेलिना काॅंगडुप राष्ट्रीय महिला आयोग भारत सरकार द्वारा सुश्री मनीषा को राष्ट्रीय बिरसा मुंडा अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय गौरव दिवस पर डाॅ. सुनील रामटेक उप महानिदेशक, केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद दिल्ली, कृपानाथ मल्लाह माननीय लोकसभा सदस्य, रामेश्वर तेली माननीय मंत्री एवं राज्य सभा सांसद, श्रीसीताराम सिंकू, IRSME अतिरिक्त सदस्य रेलवे बोर्ड, श्रुशांतनु मडोक महाप्रबंधक, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, राजदीप वर्मा इंचार्ज, नेशनल साइंस सेंटर दिल्ली और आधुनिक इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष डी के चौहान आदि उपस्थित रहे। यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं यह आदिवासी ज्ञान का सम्मान, यह महुआ परंपरा का पुनर्जन्म, और यह मध्यप्रदेश की बेटियों की शक्ति का उज्ज्वल प्रमाण है। मनीषा धुर्वे की यह उपलब्धि समाज, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने वाली है।

