
नर्मदापुरम / सोमवार सुबह कृषि उपज मंडी के खाद वितरण केंद्र पर किसानों ने लंबी लाइनें लगाई थीं, लेकिन शाम तक खाद न मिलने पर किसानों का रोष फूट पड़ा। किसानों ने सड़क पर बैठकर शांतिपूर्ण विरोध शुरू किया। प्रशासन द्वारा बार–बार समय देने के बावजूद खाद न मिलने से स्थिति गंभीर हुई और देर शाम किसानों ने चक्का जाम कर दिया। इस दौरान समाजसेवी एवं किसान सत्या चौहान घटनास्थल पर पहुंचे और किसानों की समस्याओं को सुनते हुए उनका नेतृत्व किया। प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया। देर रात अधिकारियों द्वारा आश्वासन के बाद ही किसानों ने धरना समाप्त किया।
*आज सुबह सभी किसानों को मिला खाद–यूरिया–डीएपी*
मंगलवार सुबह खाद वितरण प्रारंभ हुआ और कल के संघर्ष में शामिल सभी किसानों को खाद उपलब्ध करा दी गई। किसानों ने इसे अपनी एकजुटता की बड़ी जीत बताया।
*किसान संघर्ष समिति का गठन*
किसानों के इस संघर्ष और एकजुटता को देखते हुए ‘किसान संघर्ष समिति नर्मदापुरम’ का गठन किया गया है। जिसका उद्देश्य भविष्य में किसानों के अधिकारों, सम्मान और समस्याओं के समाधान के लिए संगठित रूप में कार्य करना होगा।
समिति में शामिल प्रमुख किसान (जो कल के आंदोलन में भी शामिल थे):
सत्या चौहान (समाजसेवी एवं किसान), दिनेश पटेल पलासी, करण प्रधान, मनोहर बड़ौदिया कला तथा कई अन्य किसान जो कल देर रात तक संघर्ष में डटे रहे।
*मीडिया और पुलिस प्रशासन का आभार*
सत्या चौहान ने कहा कि –
“इस आंदोलन में मीडिया बंधुओं ने किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाया। पुलिस प्रशासन ने भी संयम रखते हुए सहयोग किया, इसके लिए हम सभी धन्यवाद देते हैं।”
*सत्या चौहान का बयान*
“यह सफलता हमारी सामूहिक एकता और साहस की जीत है। अब किसान संघर्ष समिति सभी किसानों की समस्याओं पर लगातार कार्य करेगी और भविष्य में बड़ा संगठनात्मक आंदोलन भी किया जाएगा।”

