
नर्मदापुरम / इटारसी / दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले ही आम जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। त्योहार की तैयारियों के बीच रोजमर्रा की खाद्य सामग्री से लेकर दीपावली पर उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी से आम आदमी का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। गेहूं, तुअर दाल, चना दाल, शक्कर, खाद्य तेल, घी, मिठाइयां और ड्राई फ्रूट्स सहित अनेक खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने कहा कि दीपावली खुशियों, उमंग और आपसी भाईचारे का त्योहार है। इस पर्व पर प्रत्येक परिवार अपनी सामर्थ्य के अनुसार घर में मिठाइयां बनाता है, पूजा-पाठ की सामग्री खरीदता है तथा अपने परिवार और बच्चों के लिए जरूरी सामान लेकर आता है। लेकिन इस बार त्योहार से पहले ही खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। महंगाई के कारण गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए दीपावली का त्योहार मनाना भी आर्थिक चुनौती बनता जा रहा है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने और आम जनता को राहत देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। एक ओर परिवारों की आमदनी सीमित है, वहीं दूसरी ओर रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है। गेहूं, दाल, शक्कर और तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। त्योहारों के समय मिठाई, घी और ड्राई फ्रूट्स जैसी वस्तुओं की खरीदारी भी महंगी हो गई है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल रैकवार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बताया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने कहा कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के अवसर पर सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए। बाजार में खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी रखी जाए तथा जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम नागरिकों को उचित कीमतों पर आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
आगे जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ता है, जिनकी आय सीमित है और जो रोज कमाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि आम जनता को वास्तविक राहत पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए।
उन्होंने मांग की कि दीपावली के अवसर पर खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों पर तत्काल नियंत्रण किया जाए, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार भी बिना आर्थिक परेशानी के अपने परिवार के साथ त्योहार की खुशियां मना सकें।

