
नर्मदापुरम / ग्वालियर / माननीय न्यायालय धीरेन्द्र सिंह परिहार अपर सत्र न्यायाधीश जिला ग्वालियर द्वारा आरोपी रणबीर सिंह यादव, दिनेश यादव को आजीवन कारावास एवं रामू उर्फ रामबरन को सात साल की सजा से दण्डित किया गया।
उपनिदेशक अभियोजन आर. के. कुमरे के निर्देशन में अभियोजन की ओर से पैरवीकर्ता प्रज्ञादीप राहुल, विशेष लोक अभियोजक ग्वालियर ने प्रकरण की घटना के बारे में बताया कि दिनांक 05.02.2025 को शिवचरण द्वारा जे.ए. अस्पताल ग्वालियर मे ए.एस.आई कप्तान सिंह को एक सूचना इस आशय की दी गयी कि मैं ग्राम गोकुलपुर का पूर्व सरपंच हूँ, हम चार भाई थे जिसमे से सबसे बडे भाई पंचम सिंह (रामू के पिता) की मृत्यु हो चुकी है। हम भाईयों में पुस्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा है हमारे बड़े भाई पंचम सिंह के नाम ज्यादा हिस्सा था। हम तीनों भाईयों के नाम कम हिस्सा था, आज मैं और मेरा भाई हुकुम सिंह यादव बालमुकुन्द यादव, आर.आर.सी. कम्पनी के मिक्सर प्लांट पर थे वहाँ पर मेरा बेटा पुरूषोत्तम भी मौजूद था, तभी समाज के लोगों से प्रस्ताव आया कि हम आपस में रिश्तेदार है, इसलिये मामले को बैठकर निपटा लेते है, हमारे साथ भारत यादव, निवासी गिरवाई एवं बेताल यादव निवासी वीरपुर मे बैठे थे। हम लोग बैठे बातचीत कर रहे थे तभी समय करीब 03 बजे रामू उर्फ रामवरन यादव अपनी कार बलैनो से आया बातचीत करने लगा, तभी किसी ने रामू को बोला कि जमीन का मिल बैठकर सबका बराबर हिस्सा कर ले तो रामू ने स्वीकारा कि जमीन में सभी के बराबर हिस्सा है। तभी अचानक रामू बोला कि हिस्सा तो बराबर है लेकिन आज के बाद माँ की गाली देते हुए बोला इनका कोई हिस्सा नही है और दौड़कर अपनी गाड़ी की तरफ गया और गाड़ी मे से सीधे हाथ से पिस्टल निकाली तथा बाये हाथ से डण्डा लेकर गाली गलौंच करता हुआ, हम लोगों की तरफ आया और पिस्टल से मेरे बेटे की हत्या करने के लिये गोली मारी। गोली लड़के पुरूषोत्तम को लगी मैं चिल्लाया तो मुझे जान से मारने की नियत से गोली मार दी, जो मेरे दाहिने पैर की पिडली में लगी। पास में खड़ा हुआ मेरा भाई बालमुकुन्द बचाने आया तो उसे भी जान से मारने की नियत से रामू ने पिस्टल से फायर किया जो बालमुकुन्द को गोली लगी। इसी बीच रामू का भाई दिनेश यादव आ गया और गाली देते हुए बोलने लगा मारो इनको तभी रणबीर यादव भी आ गया। उसने अपनी लायसेंसी बन्दूक लहराते हुये चिल्लाकर बोला कि आज सभी को मार डालों, इसी बीच रामू की पिस्टल के राउण्ड खत्म हो गये तो हुकुम सिंह व महेश ने काबू किया वह गिर गया। इसी बीच दिनेश को भी पकड़ा तो खण्डों पर गिरा, जिससे उसे भी चोट आई है। जब हम लोग अस्पताल आये तो डॉक्टर ने चैक करके मेरे बेटे पुरूषोत्तम को मृत बता दिया। अपने घर पर रामू ने व दिनेश ने हम झूठा फसाने के लिये रामू ने खुद के पैर में स्वयं गोली मारकर घायल होकर भर्ती हो गया। देहाती नालसी के आधार पर थाना गिरवाई में धारा 103(1), 109, 296, 3(5) बीएनएस एवं धारा 25/27 आयुध अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक 30/25 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक प्रज्ञादीप राहुल ने बताया कि प्रकरण मे आई साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा रणवीर सिंह यादव, दिनेश यादव को आजीवन कारावास एवं रामू उर्फ रामबरन को सात साल की सजा एवं आयुध अधिनियम में भी सभी आरोपीगण को सजा दी गईं।

