
नर्मदापुरम / मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नर्मदापुरम् श्रीमति तृप्ति शर्मा की उपस्थिति में “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत दिनांक 05.11.2026 को जिला न्यायालय नर्मदापुरम् में दिव्यांग बच्चो द्वारा प्रदर्शनी लगायी गयी। जिसमें दीपक चौधरी जिला न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, योगेश शर्मा अध्यक्ष, भविष्य दिव्यांग संस्था नर्मदापुरम्, अभय सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी एवं समस्त दिव्यांग बच्चे उपस्थित रहें।
दीपावली के पावन पर्व के अवसर पर दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में दिव्यांग बच्चों द्वारा स्वंय तैयार की गयी आकर्षक एवं कलात्मक वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। इसमें दीपावली से संबंधित सजावटी सामग्री, दीपक, मोमबत्ती, रंगोली एवं हस्तनिर्मित वस्तुएं आकर्षण का केन्द्र रही। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों ने बच्चों द्वारा बनायी गयी वस्तुओं की सराहना की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना तथा समाज में समानता एवं समावेशिता की भावना को प्रोत्सहित करना है। प्रदर्शनी में न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण एवं पक्षकारों द्वारा राशि रू. 7000/- का समान की बिकी की गयी। प्रदर्शनी के माध्यम से सभी को एक संदेश दिया गया कि “दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं है। उन्हें अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे भी अपनी प्रतिभा से समाज में विशेष पहचान बना सकते हैं।”
इसी क्रम में दिनांक 05.11.2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोलरिया में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें दीपक चौधरी जिला न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नर्मदापुरम्, सुश्री रूचि गोयल तहसीलदार, अभय सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी, प्रवीण चौहान थाना प्रभारी डोलरिया, शाला की प्राचार्य, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
उक्त कार्यक्रम में बच्चों के सुरक्षित एवं उज्जवल भविष्य के निर्माण तथा उनके अधिकारों के संरक्षणक के उद्देश्य से सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल शोषण एवं बच्चों के प्रति होने वाले अपराधो के संबंध में जागरूक किया गया साथ ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रत्येक बच्चें को सुरक्षित वातावरण शिक्षा एवं सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। सुश्री रिचा गोयल तहसीलदार द्वारा छात्र-छात्राओं को गुड टच एवं बेड टच के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। प्रवीण चौहान थाना प्रभारी डोलरिया द्वारा बच्चों को साइबर काइम के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। बच्चों के संरक्षण एवं सुरक्षित बचपन के लिये समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं के अधिकार एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के बारे में बताया गया और साथ ही 1098 हेल्प लाइन नंबर एवं नालसा का टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में बताया गया।

