


नर्मदापुरम / शासकीय कन्या महाविद्यालय इटारसी में महाविद्यालय स्तरीय युवा उत्सव के अंतर्गत भाषण, वाद-विवाद एवं एकल गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका’ रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत है। आइक्यूएसी प्रभारी डॉ. हरप्रीत रंधावा* ने कहा कि वेद, उपनिषद, दर्शन, आयुर्वेद और प्राचीन विज्ञान में निहित ज्ञान आधुनिक भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। डॉ. संजय आर्य ने छात्राओं को प्रतिभा विकसित करने और हर क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अधिक से अधिक विधाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। युवा उत्सव प्रभारी श्रीमती पूनम साहू ने कहा कि युवा उत्सव छात्राओं को प्रतिभा प्रदर्शन, सांस्कृतिक विरासत, भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता का अवसर प्रदान किया। भाषण प्रतियोगिता में छात्राओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन वैज्ञानिक उपलब्धियों और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक भारत के विकास से जोड़ते हुए विचार प्रस्तुत किए।
भाषण प्रतियोगिता में प्रथम कु. समीक्षा पांडे, द्वितीय कु. जया पांडे एवं तृतीय स्थान कु. अंकिता मेहरा ने प्राप्त किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम कु. अंशिका सराठे (पक्ष), प्रथम स्थान कु. कुमकुम राजपूत (विपक्ष) ने प्राप्त किया।
एकल गायन में प्रथम कु. प्राची अमोले, द्वितीय कु. कुमकुम राजपूत एवं तृतीय स्थान कु. सलोनी अहिरवार ने प्राप्त किया।
विधाओं के संयोजक डॉ. शिखा गुप्ता, डॉ. संजय आर्य, रविंद्र चौरसिया, डॉ. मुकेश बिष्ट, शुभम अहिरवार थे। निर्णायक मंडल में श्रीमती हेमलता पाटिल, श्री अमन वर्मा, कु. नीतू अहिरवार, डॉ. श्रद्धा जैन, श्रीमती रश्मि चौरे, कु. अदिति पटेल शामिल रहे। निर्णायकों ने छात्राओं के भाषण की विषय वस्तु, विचारों की स्पष्टता, अभिव्यक्ति और प्रस्तुतीकरण के आधार पर मूल्यांकन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

