

नर्मदापुरम / गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित ‘भारत पर्व 2026’ में मध्यप्रदेश ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट हस्तशिल्प के साथ प्रभावशाली सहभागिता दर्ज कराई। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को समर्पित इस आयोजन में मध्यप्रदेश के पवेलियन के माध्यम से प्रदेश के ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जा रहा है। पवेलियन में सीहोर जिले के बुधनी के प्रसिद्ध लकड़ी के लाख के खिलौने, भोपाल की पारंपरिक जरी-जरदोजी कला, अशोकनगर की विश्वप्रसिद्ध चंदेरी साड़ियां और बुरहानपुर के केले के रेशे से तैयार हस्तनिर्मित उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। इन उत्पादों के प्रदर्शन के माध्यम से मध्यप्रदेश की समृद्ध शिल्प परंपरा, स्थानीय कारीगरों की अद्भुत दक्षता और रचनात्मकता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।
मध्यप्रदेश पवेलियन में प्रदेश की विशिष्ट कला परंपराओं जरी-जरदोजी और गोंड चित्रकला का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके माध्यम से पारंपरिक कलाओं की निर्माण प्रक्रिया, बारीकियों और कलाकारों की रचनात्मकता को करीब से जानने का अवसर मिला है। जरी-जरदोजी की बारीक कढ़ाई और गोंड चित्रकला की विशिष्ट रंग शैली एवं प्रकृति से प्रेरित आकृतियां पवेलियन के प्रमुख आकर्षण बन रहे हैं।
‘भारत पर्व 2026’में मध्यप्रदेश की सहभागिता से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर मिला है। आयोजन के माध्यम से प्रदेश के शिल्पकारों और स्थानीय उत्पाद निर्माताओं को अपने हुनर एवं उत्पादों को देशभर से आए आगंतुकों के समक्ष प्रदर्शित करने का मंच मिल रहा है। यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को प्रोत्साहित करने के साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शिल्प कौशल को व्यापक पहचान दिलाने में सहायक है।
‘भारत पर्व 2026’ का आयोजन 15 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। यह पर्व देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत करने के साथ ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त बना रहा है। साथ ही, इससे एकता नगर और आसपास के पर्यटन स्थलों में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

