नर्मदापुरम / रेल कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन एवं सेवा सुविधाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल। 30 अक्टूबर 2026 को NFIR के महामंत्री डॉ. एम. राघवैय्या के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मे WCRMS महामंत्री अशोक शर्मा ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष रेल कर्मचारियों का मांग-पत्र प्रस्तुत किया।
NFIR/WCRMS की 14 प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं….
1️⃣ न्यूनतम वेतन: ₹69,000 प्रतिमाह निर्धारित किया जाए।
2️⃣ फिटमेंट फैक्टर: 3.833 लागू किया जाए।
3️⃣ वार्षिक वेतन वृद्धि: वर्तमान 3% से बढ़ाकर 6% की जाए तथा न्यूनतम ₹10,000 का वित्तीय लाभ सुनिश्चित हो।
4️⃣ करियर प्रगति: सेवाकाल में कम से कम 5 पदोन्नतियों का प्रावधान हो।
5️⃣ DA का विलय: महंगाई भत्ता 25% तक पहुँचने पर मूल वेतन में विलय किया जाए।
6️⃣ ओपन-एंडेड वेतनमान: सेवा के दौरान वित्तीय प्रगति से कर्मचारी वंचित न रहें।
7️⃣ बेहतर रेलवे वेतन संरचना: रेलवे ड्यूटी की अनोखी, कठिन एवं खतरनाक प्रकृति के अनुरूप अलग वेतन ढाँचा बनाया जाए।
8️⃣ पेंशन सुधार: अंतिम वेतन का 67% पेंशन, 50% पारिवारिक पेंशन तथा कम्यूटेशन की वसूली 15 वर्ष के स्थान पर 11 वर्ष में पूरी की जाए।
9️⃣ भत्ते एवं अग्रिम: बंद किए गए भत्ते बहाल हों तथा भत्तों में 3 गुना वृद्धि की जाए।
🔟 नौकरी-विशिष्ट भत्ते: विभिन्न श्रेणियों के लिए जॉब-स्पेसिफिक भत्तों पर विचार किया जाए।
1️⃣1️⃣ रनिंग भत्ता एवं प्रोत्साहन: रेलवे मंत्रालय और फेडरेशन के बीच वार्ता कर उचित निर्णय लिया जाए।
1️⃣2️⃣ NDA/NHA की सीमा: भुगतान पर लगी सीमा समाप्त की जाए।
1️⃣3️⃣ MACPS: APAR की बेंचमार्किंग में ‘Very Good’ के स्थान पर ‘Good’ किया जाए।
1️⃣4️⃣ रेलवे पास: कर्मचारियों के रेलवे पास में माता-पिता को भी शामिल किया जाए।

