



नर्मदापुरम / जिला स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मलेन का आयोजन गुरुनानक पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल इटारसी में संपन्न हुआ। इसमें जिले के ऑनलाइन पंजीयन 24 स्कूलों से 120 से अधिक प्रोजेक्ट आए। इस वर्ष बाल वैज्ञानिको ने सततता के लिए विज्ञान एवं नवाचार विषय पर अपने शोध पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया ।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में अध्यक्षता कर रही डॉक्टर अर्चना गौर पूर्व डाइट प्राचार्य पचमढ़ी तथा अतिथि एन पी चौधरी संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल इटारसी, हरीश चोलकर प्राचार्य शासकीय हॉयर सेकेंडरी स्कूल मेहरागांव श्रीमती संगीता दुबे, उमाशंकर तिवारी, हरप्रीत छाबड़ा, रिंकू टुटेजा ने सर्वप्रथम सरस्वती प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण के साथ विधिवत शुभारंभ किया। तदोपरांत सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। इस अवसर पर बी एल मलैया जिला समन्वयक ने बाल विज्ञान आयोजन की रूपरेखा विस्तार से समझाई। डॉ. अर्चना गौर ने अपने उद्बोबोधन में कहा कि नवाचार के द्वारा हर समस्या का समाधान है। एन पी चौधरी ने कहा कि गूगल ए आई पर आश्रित ना हो कर अपने ज्ञान को विकसित करना ही विज्ञान हैं।
राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली एवं साइंस सेंटर ग्वालियर के समन्वय से आयोजित इस बाल विज्ञान में निर्णायक के रूप में नीलेश जैन, आर शर्मा, संतोष भारद्वाज, जी पी शर्मा, एस शर्मा, लोकेंद्र साहू उपस्थित थे। समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि श्री नीलेश शर्मा एस डी एम इटारसी ने अपने उद्बोबोधन में कहा कि विज्ञान का उपयोग कर पर्यावरण को सुरक्षित रखे तदोपरांत अतिथियो द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर बाल वैज्ञानिको के जज्बे को सराहा। अब राज्य स्तरीय आयोजन दिसंबर में महर्षि महाविद्यालय करौंदी जिला कटनी में होगा तथा राष्ट्रीय आयोजन जनवरी 2027 में छत्तीसगढ़ में होगा। कार्यक्रम का संचालन आशीष पटेल एवं अर्चना रावत ने किया तथा अंत में गोल्डी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय आयोजन हेतु अनुशंसित परियोजनाओं में कु. निमिषा यादव, पार्थ टैगोर पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल सिवनी मालवा, कु. कृतिका जैन ग्रीन पॉइंट स्कूल इटारसी, विजेंद्र मिश्रा गुरु नानक पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल इटारसी, गौतम पटेल रेनबो पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल इटारसी, उज्जवल शासकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल न्यू यार्ड इटारसी का सहयोग रहा। उक्त जानकारी बी एल मलैया जिला समन्वयक राष्ट्रीय बाल विज्ञान सम्मेलन द्वारा दी गईं।

