शासकीय नर्मदा महाविद्यालय में ‘युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम
दयाराम फौजदार रिपोर्टर नर्मदा पुरम।
पुलिस विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति किया गया जागरूक। उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ शासकीय नर्मदा महाविद्यालय, 31 अक्टूबर के मध्य आयोजित ‘युवा सृजन संवाद’ अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में पुलिस विभाग से टी.आई. कोतवाली गौरव सिंह बुंदेला, टी.आई. देहात ऊषा मरावी एवं साइबर सेल से टी.आई. प्रवीण मालवीय विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिनके द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों एवं नए कानूनों के संबंध में विस्तृत व व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
साइबर अपराधों से बचाव और सजगता पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साइबर सेल से टी.आई. प्रवीण मालवीय ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में होने वाले विभिन्न साइबर फ्रॉड, जैसे- ऑनलाइन ठगी, फर्जी जॉब ऑफर, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फिशिंग लिंक और यूपीआई संबंधी धोखाधड़ी के प्रति सतर्क किया। उन्होंने कहा कि “सतर्कता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।” किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई। साथ ही, साइबर अपराध होने पर त्वरित सहायता हेतु राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं पोर्टल की जानकारी दी गई।
महिला सुरक्षा और नए कानूनी प्रावधान
टी.आई. देहात ऊषा मरावी ने महिला सुरक्षा पर केंद्रित होकर छात्राओं को सशक्त बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न सुरक्षा अभियानों, महिला हेल्पलाइन नंबरों एवं आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही, देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को कानून का सही उपयोग करने हेतु प्रेरित किया गया।
यातायात नियमों के पालन का संकल्प
टी.आई. कोतवाली गौरव सिंह बुंदेला ने छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के पालन के प्रति संवेदनशील बनाया। दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, चार पहिया वाहन में सीटबेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग न करने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई। युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें और समाज में भी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।

