
नर्मदापुरम / जिले में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के अंतर्गत पंजीयन कार्य में निरंतर प्रगति दर्ज की जा रही है। पोर्टल रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 11609 पंजीयन पूर्ण किए जा चुके हैं। पंजीयन कार्य में तेजी लाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर राजस्व अमले को सक्रिय किया गया है। इसके परिणामस्वरूप अब प्रतिदिन लगभग 2000 से अधिक पंजीयन किए जा रहे हैं। विगत एक सप्ताह में पंजीयन की संख्या में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
एसएलआर डॉ. सुरेखा यादव ने बताया कि जिले की सभी 10 तहसीलों में पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी लगातार पंजीयन कार्य में जुटे हुए हैं। राजस्व अमले द्वारा घर-घर पहुंचकर पात्र हितग्राहियों के स्वामित्व पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। जिले की 10 तहसीलों के 815 ग्रामों में 300 से अधिक पटवारियों एवं अन्य राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा यह कार्य किया जा रहा है।
तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था….
पंजीयन कार्य में तेजी लाने के लिए क्षेत्रवार जोन निर्धारित किए गए हैं, जिससे संबंधित क्षेत्रों में आने वाली तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके। पटवारियों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। इसके साथ ही जिला स्तर पर तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष टीम तैनात की गई है, जो प्रदेश स्तर पर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित कर रही है।
मैदानी स्तर पर सक्रिय जिले की पूरी राजस्व टीम…..
कलेक्टर आशीष वशिष्ठ के निर्देशन में जिले की पूरी राजस्व टीम मैदानी स्तर पर लगातार सक्रियता के साथ स्वामित्व पंजीयन के कार्य को संपादित करने में जुटी हुई है। जिले के वरिष्ठ राजस्व अधिकारी नियमित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर स्वामित्व पंजीयन का जायजा ले रहे हैं।
तहसीलवार पंजीयन की स्थिति….
जिले में अब तक इटारसी तहसील में 1377, डोलरिया में 814, नर्मदापुरम नगर में 161, पिपरिया में 1534, बनखेड़ी में 1271, माखननगर में 1430, शिवपुर में 616, सिवनी मालवा में 1574, सोहागपुर में 1668 तथा नर्मदापुरम ग्रामीण में 1164 इस प्रकार कुल 11609 पंजीयन पूर्ण किए जा चुके हैं। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के पंजीयन सुनिश्चित करने तथा तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

