
नर्मदापुरम / बाँगाली वेलफेयर एसोसिएशन, नर्मदापुरम द्वारा आयोजित शारदीय दुर्गा महोत्सव का समापन विजयादशमी के पावन पर्व पर श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ।
विजयादशमी के दिन साल भर की रोग-बाधा दूर करने हेतु अपराजिता पूजा की गई, जिसे जयंती पूजा भी कहा जाता है। इसके पश्चात *विसर्जन पूजा* संपन्न हुई, जिसमें थाल में जल के साथ दर्पण रखकर देवी के चरणों के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया।
माँ की यात्रा को भव्य रूप से सजाया गया। मां को वरन, पान, दूर्वा, मिठाई, सिंदूर और वरनकुला से भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर महिलाओं ने माँ के साथ पारंपरिक *सिंदूर उत्सव* मनाया, जिसमें सभी ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-सौभाग्य की कामना की।
तत्पश्चात गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं एवं सामाजिक बंधु-बांधवों सहित भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई।
विसर्जन के बाद पूजा पंडाल में एकत्र होकर बड़े धूमधाम से दशहरा मनाया गया। इस अवसर पर सभी ने बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

