










नर्मदापुरम / दशहरा से शहर में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन प्रारम्भ हुआ एवं दशहरे के दूसरे दिन बाद भी बुधवार को सायं से ही मूर्तियों का विसर्जन होना प्रारम्भ गया था एवं देर रात्रि तक विसर्जन होता रहा। प्रशासन द्वारा देवी प्रतिमाओ के विसर्जन के लिए हर्बल पार्क के पीछे कृत्रिम कुंड बनाया हुआ था। जहां पर नगर पालिका द्वारा क्रेन एवं पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी लोग मौजूद रहे। वहीं दूसरी और सेठानी घाट पर भी विसर्जन होता रहा। विसर्जन के समय कुछबंदिया समाज के द्वारा शंकर प्रतिमा विसर्जन के समय सामाजिक महिलाओं ने काली साड़ी पहनी एवं युवाओं ने ब्लैक कुर्ते पहनकर आकर्षक नृत्य कर अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ को खुशी खुशी विदा किया, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। वही ग्वालटोली स्थित काली प्रतिमा को विसर्जन करने चल समारोह के साथ चल रही बजरंग अखाड़े की छोटी-छोटी बच्चियों ने बनेटी घुमा कर लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने करतब दिखा कि अपनी आत्मरक्षा के लिए हम मातृशक्ति किसी से कम नहीं है। अखाड़े के संचालक पवन मौर्य ने बताया कि छोटी-छोटी बच्चियों को अपने आत्मरक्षा के लिए हुनर सिखाए जाते हैं।
इनका कहना…..
यहां (सेठानी घाट) पर ना तो विसर्जन के समय लाइटों की व्यवस्था है ना ही कोई क्रेन की व्यवस्था की गई है।
कुलदीप राठौर, पूर्व पार्षद, नर्मदापुरम।

