
नर्मदापुरम / कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने जिले में खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कृषि एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी स्तर पर किसानों से निरंतर संपर्क कर उन्हें संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक करें। साथ ही डीएपी के स्थान पर एनपीके उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए एनपीके खाद का उठाव सुनिश्चित कराया जाए।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि जिले में उर्वरक की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। खाद की कालाबाजारी और अमानक उर्वरक की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग सघन जांच अभियान चलाएं। अनियमितता के मामले सामने आने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले को प्राप्त होने वाली उर्वरक की रैक से खाद को ट्रकों के माध्यम से संबंधित समितियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग की जाए। अनुविभाग स्तर पर खाद की उपलब्धता संबंधी जानकारी संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर उर्वरक वितरण का माहवार कार्यक्रम तैयार करने तथा खाद की खपत के अनुरूप भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिले में माहवार उर्वरक की आवश्यकता के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों की जरूरत के अनुसार खाद की उपलब्धता और वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके।
बैठक में जिला सहकारी बैंक, मार्कफेड एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले में उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में 18,124 मीट्रिक टन यूरिया, 15,161 मीट्रिक टन एनपीके, 14,740 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 6,000 मीट्रिक टन टीएसपी उपलब्ध है। इस प्रकार जिले में कुल 54,025 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। बैठक में उपसंचालक कृषि, डीआरसीएस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

