
नर्मदापुरम / खरीफ 2026 में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे है। खरीफ 2026 में नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग किया जाएगा, जिससे घटनास्थल की सटीक एवं स्पष्ट लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी। नरवाई जलाने के मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने नरवाई प्रबंधन के लिए अनुविभागवार तैयार की गई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए प्रभावी निगरानी के साथ किसानों को जागरूक करना भी आवश्यक है। सभी संबंधित अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नरवाई प्रबंधन की कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
ड्रोन से होगी निगरानी, घटनास्थल की मिलेगी सटीक जानकारी….
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि नरवाई जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाए। इससे घटनाओं की पहचान करने और संबंधित स्थान की सटीक जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नरवाई जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए तथा प्रकरण सामने आने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसानों को नरवाई न जलाने के लिए प्रोत्साहित करें। बड़े रकबे के किसानों से मुख्य रूप से चर्चा करें।
हार्वेस्टर में एसएमएस अटैचमेंट लगाना अनिवार्य…..
कलेक्टर ने जिले में उपलब्ध कृषि उपकरणों की मैपिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि नरवाई प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के दौरान हार्वेस्टर में एसएमएस (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) अटैचमेंट अनिवार्य रूप से लगाया जाए। बिना एसएमएस अटैचमेंट के हार्वेस्टर का संचालन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पूर्व में नरवाई जलाने वाले किसानों को समझाइश दें…..
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि पिछले वर्षों में नरवाई जलाने के अधिक प्रकरण दर्ज होने वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखी जाए। ऐसे किसानों की पहचान की जाए, जिनके खेतों में प्रतिवर्ष नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। संबंधित अधिकारी इन किसानों से चर्चा कर उन्हें नरवाई नहीं जलाने के लिए समझाइश दें तथा फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करें।
एसडीएम गठित करें क्विक रिस्पॉन्स टीम……
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित करने के निर्देश दिए। ये टीमें नरवाई जलाने की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ घटनाओं की निगरानी एवं रोकथाम में सहयोग करेंगी। उन्होंने कहा कि पूर्व वर्षों में नरवाई जलाने की घटनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा संबंधित अधिकारी नियमित निगरानी करते हुए नरवाई प्रबंधन की कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करें। सभी विकासखंडों में एवं अन्य ग्राम पंचायत स्तर पर सुनिश्चित करे कि सभी स्थानों पर भूमि चिन्हित करें जहां पर बेल्स को रखा जा सके।
बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला सहित समस्त अनुविभागीय अधिकारी, कृषि विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

