
नर्मदापुरम / सिवनी मालवा में बनापुरा से बस स्टैंड तक चल रहे टू-लेन सड़क निर्माण के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण मार्ग का एक हिस्सा बंद है और वाहनों की आवाजाही के लिए केवल एक तरफ का रास्ता उपलब्ध है। इसके बावजूद नर्मदापुरम और इटारसी की ओर आने-जाने वाले ट्रक, बस एवं ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित भारी वाहन इसी मार्ग से बेरोकटोक गुजर रहे हैं, जबकि बायपास मार्ग चालू है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है, तो उन्हें संकरे और निर्माणाधीन रास्ते से गुजरने की अनुमति क्यों दी जा रही है?
एक तरफ सड़क बंद, दूसरी तरफ भारी वाहनों का दबाव…..
निर्माण कार्य के चलते पहले से सीमित हुए मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही यातायात के दबाव को बढ़ा रही है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच स्थानीय नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब सड़क किनारे अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण उपलब्ध सड़क की चौड़ाई भी प्रभावित होती है। ऐसे में यातायात नियंत्रण और वैकल्पिक मार्ग के प्रभावी उपयोग की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की है।
नवरात्रि में पैदल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल…..
नवरात्रि के दौरान इस मार्ग से पैदल श्रद्धालुओं का आवागमन भी होता है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच भारी वाहनों का गुजरना सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय है। निर्माणाधीन सड़क पर सीमित जगह, वाहनों का दबाव और पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त सुरक्षित स्थान का अभाव किसी अप्रिय घटना की आशंका बढ़ा सकता है। ऐसे समय में प्रशासन को केवल यातायात चलाते रहने के बजाय सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।
बायपास चालू है तो भारी वाहनों को वहां क्यों नहीं भेजा जा रहा ?…..
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि जब बायपास मार्ग चालू है, तो नर्मदापुरम और इटारसी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को उसी मार्ग से क्यों नहीं निकाला जा रहा? निर्माण कार्य पूरा होने तक भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक कदम हो सकता है। इसके साथ ही निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रात्रि में पर्याप्त प्रकाश और जरूरत के अनुसार यातायात पुलिस की तैनाती भी जरूरी है।
अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग पर कार्रवाई कब ?……
मार्ग पर अतिक्रमण हटाने और बेतरतीब खड़े वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम होने पर यातायात का दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में संबंधित विभागों के बीच समन्वय कर अतिक्रमण हटाना, पार्किंग व्यवस्था सुधारना और निर्माण स्थल का निरीक्षण करना जरूरी है। केवल औपचारिक निर्देशों से नहीं, बल्कि मौके पर प्रभावी कार्रवाई से ही स्थिति में सुधार संभव है।
कलेक्टर सहित जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा…..
जनसुरक्षा से जुड़े इस विषय में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम, एसडीएम सिवनी मालवा और थाना प्रभारी सिवनी मालवा से तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा है। भारी वाहनों को बायपास से निकालने, निर्माण स्थल पर यातायात नियंत्रित करने, अतिक्रमण हटाने और नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
सवाल सीधा है—क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना के बाद सक्रिय होगा, या उससे पहले ही यातायात व्यवस्था दुरुस्त कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा? सड़क निर्माण विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन निर्माण के दौरान आम जनता की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समय रहते ठोस कदम उठाना ही जिम्मेदार प्रशासनिक व्यवस्था की कसौटी है।

