
नर्मदापुरम / थोड़े समय में अपनी एक अलग पहचान बनाने का काम कुछ लोग ही कर पाते उसमें से एक नाम है कलेक्टर सोमेश मिश्रा। जिन्होंने पद भार ग्रहण करते से ही जिले में विभिन्न सुधार कर नागरिकों का सुविधा मुहैया कराई थी।
किसी प्रशासनिक अधिकारी की पहचान केवल सरकारी आदेशों और कार्यालयीन कार्यों से नहीं, बल्कि जनता के बीच उसकी पहुंच, संवेदनशीलता और समस्याओं के समाधान के प्रयासों से भी बनती है। नर्मदापुरम में कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहे सोमेश मिश्रा का लगभग छह महीने का कार्यकाल इसी दृष्टि से कई उल्लेखनीय गतिविधियों के लिए चर्चा में रहा।
अप्रैल 2026 में जिले का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने जनसुनवाई, ग्रामीण सहभागिता, किसानों से संवाद और नर्मदा संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया। उनकी सहज कार्यशैली और आम नागरिकों से सीधे जुड़ने के प्रयासों ने प्रशासन का मानवीय पक्ष सामने रखा।
बैलगाड़ी की सवारी और बच्चों संग गिल्ली-डंडा….
मई 2026 में ग्राम कामती में आयोजित ‘प्रशासन आपके द्वार’ अभियान के दौरान सोमेश मिश्रा ग्रामीणों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बैलगाड़ी की सवारी की और बच्चों के साथ गिल्ली-डंडा भी खेला। उनका यह सहज अंदाज चर्चा में रहा। ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही।
जनसुनवाई में सुनीं 170 लोगों की समस्याएं….
12 मई 2026 को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने लगभग 170 आवेदकों की समस्याएं सुनीं। इनमें इलाज के लिए आर्थिक सहायता, राशन, बुजुर्गों की परेशानियां और अन्य जनसमस्याएं शामिल थीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जरूरतमंदों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान की दिशा में प्रयास करना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
किसानों के बीच पहुंचकर खुद उठाई मूंग की बोरी…..
जुलाई 2026 में समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन की शुरुआत के दौरान सोमेश मिश्रा किसानों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने स्वयं मूंग की बोरी उठाकर तौल कांटे तक पहुंचाई। उनका यह कदम किसानों की मेहनत के प्रति सम्मान और उनकी समस्याओं को करीब से समझने के प्रयास के रूप में देखा गया। साथ ही उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
नमो नर्मदा अभियान से परिक्रमा वासियों को सुविधाएं देने की पहल
नर्मदा परिक्रमा वासियों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उनके कार्यकाल में ‘नमो नर्मदा सेवा पथ अभियान’ प्रारंभ किया गया। माखननगर क्षेत्र के ग्राम मारा से शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत नर्मदा परिक्रमा मार्ग को हरित और छायादार बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण की योजना बनाई गई।
इसके साथ ही परिक्रमा वासियों के लिए शौचालय, विश्राम, आवास और भोजन जैसी आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने का उद्देश्य भी रखा गया। यह पहल नर्मदा संरक्षण के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं को जोड़ने का प्रयास रही।
जनता के बीच किए गए कार्यों से बनती है पहचान…..
सोमेश मिश्रा के कार्यकाल में ग्रामीणों के बीच पहुंचना, किसानों से संवाद करना, जनसुनवाई में जरूरतमंदों की समस्याएं सुनना और नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए सुविधाओं की पहल करना विशेष रूप से चर्चा में रहा।
हालांकि, प्रशासनिक कार्यों की वास्तविक सफलता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम नागरिकों को मिलने वाले लाभ से तय होती है, लेकिन जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी है।
किसी अधिकारी का पद और कार्यक्षेत्र बदल सकता है, लेकिन जनता के हित में किए गए सार्थक प्रयास ही उसके कार्यकाल की वास्तविक पहचान बनते हैं। नर्मदापुरम में सोमेश मिश्रा की कार्यशैली से जुड़े ये प्रसंग इसी संदेश को रेखांकित करते हैं।

