
नर्मदापुरम / ग्वालियर / न्यायालय प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जिला ग्वालियर (साबिर अहमद खान) द्वारा आरोपीगण पुष्पेन्द्र परिहार, सौरभ खटीक, पियूष लोधी, श्रेयांश उर्फ शानू जेसवाल, रोहित शर्मा, आकाश कुशवाह, नरेन्द्र उर्फ किन्तु खटीक, देवेन्द्र सिंह राणा, नरसिंह कुशवाह को आभाष एवं उर्फ शिवांस की हत्या के आरोप में धारा 302 भादवि मे आजीवन कारावास की सजा तथा आहत आयुष शर्मा एवं वत्सल गर्ग की हत्या के प्रयास के आरोप में धारा 307 भादवि मे दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं धारा 148 भादवि मे दोषी पाकर प्रत्येक को एक वर्ष के कारावास की सजा एवं प्रत्येक आरोपी को 15500 रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। सह अभियुक्त शेरू उर्फ शैलेन्द्र गुर्जर को धारा 212 भादवि मे दोषी पाकर 03 वर्ष के कारावास एवं 2000 रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।
अभियोजन की ओर से हरिओम वर्मा विशेष लोक अभियोजक / एडीपीओ ने प्रकरण की घटना के बारे में बताया कि दिनांक 03.09.2023 को रात्रि लगभग 09:30 बजे जब आयुष शर्मा एवं उसका दोस्त वत्सल गर्ग अचलेश्वर मंदिर पर अपने मित्र वकील के भण्डारे मे शामिल होने जा रहे थे, उसी समय अचलेश्वर चौराहे पर उसके छोटे भाई आवास उर्फ शिवांस के दोस्त विवके दीक्षित का उसके मोबाईल पर फोन आया कि भैया मै और शिवांस कॉफी पीने कटोरा ताल के सामने चौपाटी पर आये थे, झगडा हो गया है आप जल्दी आ जाओ। तब मै व मेरा दोस्त वत्सल गर्ग जुपिटर गाड़ी से वहाँ पहुँचे तो देखा कि 07-08 लड़के आयुष शर्मा एवं छोटे भाई शिवांस से मारपीट कर रहे थे। इन दोनो ने बीच बचाव किया तो उनमे से एक लड़का बोला सौरभ इसे पकड़ लो दूसरा बोला इसे चाकू मार और उसने छोटे भाई शिवांस को चाकू मारे, जिससे शिवांस घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। आयुष शर्मा ने बचाने की कोशिश की तो आयुष शर्मा एवं उसके दोस्त वत्सल गर्ग को भी पुष्पेन्द्र परिहार एवं उसके साथियों ने चाकू मारे एवं लोहे के झाले, सरियों, डंडों तथा पत्थर मारे। जिससे आयुष के सीने में पीठ मे तथा वत्सल गर्ग को भी शरीर मे जगह-जगह चोंटें आई। शिवांस के सीने मे बाई तरफ से खून निकल रहा था तथा उसके गंभीर चोट लगी थी। सभी लड़को ने एक राय होकर, घेरकर, चाकू, डंडे, पत्थर, झाले से मारा व गाली देते हुये गाड़ियों से भाग गये। आयुष शर्मा एवं वत्सल गर्ग ने आभाष उर्फ शिवांस को ट्रॉमा सेन्टर जेएस ग्वालियर गंभीर हालत में ले जाकर भर्ती किया और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
घटना का सोशल मीडिया पर वीडियो वाइरल हुआ था। आयुष शर्मा एवं वत्सल गर्ग ने केन्द्रीय जेल ग्वालियर में तहसीलदार के समक्ष विधिवत रूप से आरोपीगण की पहचान की तथा वाइरल वीडियो के आधार पर भी आरोपीगण की पहचान करवाकर पंचनामा तैयार किया गया था। संपूर्ण अनुसंधान उपरांत आरोपीगण के विरूद्ध पुलिस थाना झांसी रोड़ द्वारा अभियोग पत्र अंतर्गत धारा 302, 307, 148, 149, 412 भादवि का न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण पर धारा 302, 307, 148, 149, 412 भादवि के आरोप लगाकर विचारण किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से सभी आवश्यक साक्षियों का परीक्षण करवाया गया, जिनकी अभिसाक्ष्य से घटना की पुष्टि हुई तथा विशेष लोक अभियोजक द्वारा किये गये तर्कों एवं दी गई दलीलों के आधार पर आरोपीगण के विरूद्ध आरोपित अपराध युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित पाकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषी पाकर सजा सुनाई।
यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि आरोपी शेरू उर्फ शैलेन्द्र गुर्जर के अलावा सभी आरोपीगण गिरफ्तारी दिनांक से जेल में निरूद्ध है।

