
नर्मदापुरम / आज मनाया जाएगा आपदा जोखिम न्यूनीकरण अंतरराष्ट्रीय दिवस। यह संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा शुरू किया गया एक वैश्विक जागरूकता दिवस है, जो हर साल 13 अक्टूबर को दुनिया भर में मनाया जाता है।
उद्देश्य
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इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में आपदाओं (जैसे बाढ़, भूकंप, सूखा, चक्रवात आदि) से होने वाले नुकसान को कम करना और लोगों को आपदाओं के प्रति जागरूक बनाना है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1989 में की गई थी।
महत्व
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• जान-माल की सुरक्षा: यह दिन देशों और समुदायों को आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए नीतियां बनाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है ताकि कम से कम जान-माल का नुकसान हो।
• जागरूकता और शिक्षा: इसके माध्यम से आम जनता, विशेषकर बच्चों और युवाओं को आपदा के समय खुद को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए जाते हैं।
• असमानता को कम करना: आपदाएं अक्सर गरीब और विकासशील देशों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। यह दिन आपदा प्रबंधन में वैश्विक सहयोग और कमजोर समुदायों को सशक्त बनाने पर जोर देता है।
• सतत विकास (Sustainable Development): आपदाओं के प्रभाव को कम किए बिना कोई भी देश सुरक्षित भविष्य नहीं बना सकता। यह दिन सुरक्षित और टिकाऊ बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के निर्माण को बढ़ावा देता है।
संक्षिप्त टिप्पणी
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आपदा जोखिम न्यूनीकरण अंतर्राष्ट्रीय दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को सुरक्षित बनाने का एक वैश्विक संकल्प है। जलवायु परिवर्तन के कारण आज प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह दिवस हमें याद दिलाता है कि आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर तैयारी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) और सही प्रबंधन के जरिए उनके जोखिम और विनाश को बहुत हद तक कम किया जा सकता है।(संकलन – प्रीति चौहान)

