


नर्मदापुरम / शहर के बालागंज स्थित फूटा कुआं क्षेत्र में जुआ पकड़ने पहुंची पुलिस की कार्रवाई के दौरान नासिर नामक युवक की मौत के बाद मामला गरमा गया है। घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। परिजन नासिर के शव को एंबुलेंस में रखकर थाने के बाहर पहुंचे और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को बालागंज के फूटा कुआं क्षेत्र में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। इसी दौरान नासिर नामक युवक की मौत होने की जानकारी सामने आई। परिजन उसे रामजी बाबा क्षेत्र के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
हेड कांस्टेबल और आरक्षक पर एफआईआर की मांग….
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने हेड कांस्टेबल और आरक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों की कार्रवाई के कारण ही नासिर की मौत हुई है। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसी मांग को लेकर परिजनों और समाज के लोगों ने थाने के अंदर और बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
एंबुलेंस में शव रखकर रात 2 बजे तक थाने के सामने डटे रहे परिजन……
घटना के बाद तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने थाने और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाने के आसपास बैरिकेड भी लगाए गए। इसके बावजूद मृतक के परिजन और समाज के लोग अपनी मांग पर अड़े रहे।
परिजन नासिर के शव को एंबुलेंस में रखकर थाने के बाहर सड़क पर खड़े रहे। रात करीब 2 बजे तक परिजन शव लेकर थाना परिसर के सामने डटे रहे और संबंधित पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते रहे। इस दौरान थाने के अंदर और बाहर हंगामे की स्थिति बनी रही।
सूत्रों के अनुसार पुलिसकर्मियों से हुई थी झूमाझटकी……
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा नासिर को पकड़ने के दौरान हेड कांस्टेबल रितेश यदुवंशी और आरक्षक पंकेश के साथ कथित तौर पर झूमाझटकी हुई थी। इसी घटनाक्रम के दौरान युवक की मौत होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, झूमाझटकी और युवक की मौत के बीच क्या संबंध है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
थाने के आसपास भारी पुलिस बल तैनात…….
मामले की गंभीरता और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। थाने के आसपास भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग की गई है। दूसरी ओर, परिजन संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
फिलहाल युवक की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वजह सामने आ सकेगी। वहीं, पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को लेकर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी अभिषेक राजन, SDOP जितेन्द्र पाठक, देहात थाना प्रभारी उषा मरावी थाने में मौजूद रहे।

