
नर्मदापुरम / नवरात्रि के प्रथम दिवस शक्ति उपासना का संदेश देते हुए नर्मदापुर नगर का प्रथम पथ संचलन आज उधम सिंह बस्ती से घोष वादन के साथ निकाला गया। इस दौरान समाज को संगठित करने, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया गया।
मंच पर नगर कार्यवाह विकेश राजपूत एवं जिला सामाजिक सद्भाव कार्य प्रमुख अमित गौर रहे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला सामाजिक सद्भाव कार्य प्रमुख अमित गौर ने नवरात्रि के प्रथम दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शक्ति की उपासना भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है। भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में जहां सनातन संस्कृति के अनुयायी निवास करते हैं, वहां भी शक्ति की आराधना की जाती है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी उत्सव की श्रृंखला का शुभारंभ उधम सिंह बस्ती से हुआ है। विजयादशमी संघ के प्रमुख छह उत्सवों में से एक महत्वपूर्ण उत्सव है।
अमित गौर ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए समाज में संगठित प्रयासों की कमी रही, जिसके कारण हिंदू समाज में विभाजन बढ़ता गया। विदेशी आक्रांताओं के आक्रमणों और आपसी बिखराव के कारण देश की अखंडता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी भारतीय संस्कृति और हिंदू समाज की सुरक्षा एवं संगठन को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता थी।
उन्होंने बताया कि समाज को संगठित और सक्षम बनाने के उद्देश्य से वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापना हुई। शाखा पद्धति के माध्यम से समाज में अनुशासन, संगठन और राष्ट्रभाव जागृत करने का कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि संघ हिंदू समाज की संस्कृति और सामाजिक जीवन के लिए कार्य करता है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने पंच परिवर्तन की अवधारणा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक और व्यापक परिवर्तन लाने के लिए इन विषयों को स्वयंसेवकों को पहले अपने व्यवहार में अपनाना चाहिए। पंच परिवर्तन के अंतर्गत कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्यों एवं शिष्टाचार को महत्व दिया गया है।
उन्होंने आह्वान किया कि इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर परिवार, समाज और राष्ट्र के उत्थान में योगदान दिया जाए।
कार्यक्रम का आरम्भ भारत माता, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं गुरूजी के चित्रों पर पूजन हुआ, अधिकारी परिचय, अमृतवचन, एकल गीत,बौद्धिक एवं प्रार्थना के बाद उधम सिंह बस्ती के रहवासी मार्गों निकला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवक गणवेश में तथा संघ के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक शुभ्र वेश में उपस्थित रहे।

