नोट – खबर में त्रुटि वश डॉ. प्रिंस सेन लिखा गया है, जिसे डॉ. प्रिंस जैन पढ़ा जावे।

नर्मदापुरम / ‘सेवा से संकल्प अभियान’ के अंतर्गत पंडित रामलाल शर्मा कॉलेज में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, मानसिक एकाग्रता और शारीरिक आरोग्यता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय योग एवं ध्यान कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में महाविद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का सफल संचालन और मार्गदर्शन डॉ. प्रिंस जैन के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। अपने प्रारंभिक संबोधन में डॉ. प्रिंस सेन ने कहा कि वर्तमान दौर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मानसिक तनाव के बीच युवाओं के लिए योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित जीवन जीने की कला है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित योग और ध्यान से न केवल पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करता है।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता वरिष्ठ योग साधक शिक्षाविद संतोष व्यास ने योग एवं ध्यान के गूढ़ तथा व्यावहारिक पहलुओं को विद्यार्थियों के समक्ष अत्यंत सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि “योग शरीर को साधने की प्रक्रिया है और ध्यान मन को शांत करने का माध्यम।” उन्होंने प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और सूक्ष्म व्यायामों का व्यावहारिक प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों को इनसे होने वाले वैज्ञानिक व शारीरिक लाभों की जानकारी दी।
सत्र के उत्तरार्ध में संतोष व्यास ने विद्यार्थियों को ध्यान (मेडीटेशन) की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने एकाग्रता बढ़ाने की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराते हुए बताया कि परीक्षा के तनाव से मुक्त रहने और स्मरण शक्ति को तीव्र करने में ध्यान किस प्रकार रामबाण सिद्ध होता है। विद्यार्थियों ने भी संतोष व्यास द्वारा बताए गए योगासनों और श्वसन क्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से दोहराया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने ‘सेवा से संकल्प अभियान’ की सराहना करते हुए दैनिक जीवन में योग को नियमित रूप से अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

