
नर्मदापुरम / अश्विंन् माह की अमावस्या जिसे पितृ मोक्षणि अमावस्या भी कहा जाता है, इस स्थिति पर तर्पण पिंडदान श्राद्ध कर्म करने से पितरों को शांति मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी उपलक्ष में मां नर्मदा भोग सेवा समिति ने सेठानी घाट स्थित राम जानकी मंन्दिर पर नर्मदा स्नान एवं पितृ तर्पण करने आये श्रधालुओ को खिचड़ी प्रसादी का वितरण किया। इस कार्यक्रम में समिति के संरक्षक हँस राय, अध्यक्ष विवेक चौकसे, महेंद्र सिंह राजपूत, पं. लवलेश शर्मा, योगेश राठौर, अतुल चौकसे, मोहित पटवा, रितेश शर्मा, श्यामू नायक, प्रकाश गुप्ता, मनोज कुमार मालवीय, जयसिंह यादव, अतुल भदोरिया, हितेश मनवारे, चिंटू राठौर, मदन गोस्वामी, अतुल मालवीय, शुभम शर्मा, गौरव पटवा, डॉ. शुभम दुबे, अनमोल चौकसे, निशांत मालवीय, शिवम दुबे, राम कुमार, आयुष दुबे, सौरभ तिवारी, अर्जुन ठाकुर आदि सदस्य उपस्थित थे, यह कार्यक्रम निरंतर छ वर्षो से प्रत्येक अमावस्या एवं पूर्णिमा पर किया जा रहा है।

