
नर्मदापुरम / मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय ने बयान जारी करते हुए कहा कि पूना से दिल्ली जा रहे छात्र छात्राओं को इटारसी में 8 अक्टूबर की शाम में गोवा एक्सप्रेस से दबाववश उतारा गया। पुलिस प्रशासन द्वारा उतारे गए छात्रों को जिसमें कुछ छात्राएं भी शामिल थी उन्हें पुलिस द्वारा एक निजी रिसोर्ट में रात भर से रखा गया। घटना की जानकारी के बाद हमारे कांग्रेस संगठन से साथी विजय बाबू चौधरी, गुफरान अंसारी, मोहम्मद कादिर लक्की, गौतम मैना, जावेद शेख के साथ रात में ही रिसोर्ट पहुंचकर उनसे मिलने का प्रयास किया परंतु स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा हमें नहीं मिलाया गया।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय ने कहा कि जब हमें 9 अक्टूबर को सुबह अन्य जगह से जानकारी प्राप्त हुई कि कुछ छात्र डिटेन किये जाने के बाद से ही भूख हड़ताल (hungar straike) पर हैं जो कि यह लोकतंत्र एवं संविधान के खिलाफ है और देश की पुलिस की इस प्रकार की कार्यप्रणाली से छात्र-छात्राओं को डिटेन करने की यह प्रक्रिया बेहद निंदनीय है। नर्मदापुरम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, इटारसी एसडीओपी, GRP थाना प्रभारी संजय चौकसे से प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय द्वारा निरंतर चर्चा के बाद डिटेन किये गए छात्र छात्राओं से 9 अक्टूबर शाम 7 बजे प्रदेश कांग्रेस महासचिव को उनसे चर्चा के लिए बुलाया, मिलाया गया।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय ने बयान में कहा कि पूना से दिल्ली जा रहे इटारसी में डिटेन हुए छात्रों के साथ संघर्ष में हमारा साथ है लगभग 22 घंटे डिटेन किये गए छात्र छात्राओं जिसमें AISF से श्रावणी बुवा, प्रीती लोंढे एवं NSYF से निहारिका भोसले, आकाश नवले, कपिल चव्हाण एवं पुलिस प्रशासन से चर्चा के बाद छात्र छात्राओं द्वारा पूना वापसी जाने पर सहमति दी गई। जिसके बाद डिटेन हुए छात्रों में से दो छात्रों द्वारा इसके विरोध मे 26 घंटे से की जा रही “hungar straike” को प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय द्वारा अनशनकारी छात्रों NSYF से निहारिका भोंसले एवं आकाश नवले को जूस पिलाकर समाप्त कराया गया, इसके बाद रात्रि 10 बजे निजी साधन से पुलिस प्रशासन की सुरक्षा के साथ इटारसी से पूना रवाना किया गया।

