

नर्मदापुरम / शहर के पुराने बजरिया स्कूल की जगह पर नगर पालिका परिषद द्वारा लाखों रुपये की लागत से ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जा रहा है। करीब सौ साल पुराने इस स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण उसे तोड़कर नए निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। लेकिन अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित समय से पहले सेंटिंग खोले जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन भवन में कुछ हिस्सों की सेंटिंग कथित तौर पर आठ से दस दिन में ही खोल दी गई। जबकि कांक्रीट को पर्याप्त मजबूती मिलने से पहले सेंटिंग हटाना भवन की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय हो सकता है। हालांकि, सेंटिंग हटाने का उचित समय कांक्रीट की गुणवत्ता, निर्माण के हिस्से, मजबूती और तकनीकी मानकों पर निर्भर करता है।
ऐसे में नगर पालिका के संबंधित अधिकारियों से मांग है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि सेंटिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप हटाई गई है या नहीं। यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
लाखों रुपये की लागत से बन रहे इस ऑडिटोरियम की मजबूती और लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। समय रहते जांच होने से भविष्य में संभावित दुर्घटना को रोका जा सकता है।

