नर्मदापुरम / गुरु रामदास जयंती सिखों के चौथे गुरु, श्री गुरु रामदास जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जिसे प्रकाश पर्व भी कहते हैं। वर्ष 2026 में यह पर्व 9 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
मुख्य बातें और योगदान
===============
• जन्म: गुरु रामदास जी का जन्म 24 सितंबर 1534 को लाहौर (पाकिस्तान) में हुआ था। उनका बचपन का नाम भाई जेठा जी था।
• अमृतसर की स्थापना: उन्हें पवित्र शहर अमृतसर के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने ही यहाँ अमृतसर सरोवर की खुदाई शुरू करवाई थी, जिसके बीच में बाद में हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) का निर्माण हुआ।
• आनंद कारज: सिख विवाह पद्धति ‘आनंद कारज’ (चार लावें) की रचना का श्रेय भी गुरु रामदास जी को जाता है।
• बाणी रचना: उन्होंने 30 रागों में 638 शब्दों (शबदों) की रचना की, जिन्हें सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ में शामिल किया गया है।
उत्सव और महत्व
===========
यह दिन सिख समुदाय और दुनिया भर के गुरुद्वारों में बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। विशेष तौर पर अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब) में इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और विशेष कीर्तन व लंगर का आयोजन किया जाता है। (संकलन – प्रीति चौहान)

