
नर्मदापुरम / जिले में इस वर्ष सामान्य से काफी कम वर्षा होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से जिले के कई क्षेत्रों में फसलों की स्थिति प्रभावित हुई है और किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है। किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने जिला कलेक्टर नर्मदापुरम को पत्र लिखकर जिले में वर्षा एवं फसल स्थिति का वैज्ञानिक सर्वे कराने तथा नर्मदापुरम को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने कहा कि नर्मदापुरम जिला कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। इस वर्ष अपेक्षित वर्षा नहीं होने के कारण किसानों की फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। कम बारिश के कारण खेतों में नमी की कमी बनी हुई है, जिससे फसलों की पैदावार प्रभावित होने की स्थिति है। ऐसे समय में किसानों को शासन की ओर से तत्काल राहत एवं सहयोग की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि केवल कागजी आंकड़ों के आधार पर स्थिति का आकलन नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि गांव-गांव जाकर खेतों की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए। प्रत्येक विकासखंड में वर्षा की स्थिति, फसल की स्थिति तथा वास्तविक नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने जिला प्रशासन से मांग की कि सर्वेक्षण में यदि जिले में सूखे की स्थिति सामने आती है तो नर्मदापुरम जिले को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की अनुशंसा तत्काल शासन को भेजी जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार फसल क्षतिपूर्ति, राहत राशि एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसानों ने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की है। वर्षा की कमी के कारण यदि उनकी फसल प्रभावित होती है तो उसका पूरा भार किसान पर नहीं डाला जा सकता। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ खड़े होकर उन्हें आर्थिक राहत उपलब्ध कराएं। *जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सर्वे कराया जाए और वास्तविक स्थिति के आधार पर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। यह जानकारी जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल रैकवार द्वारा दी गई है।

