
इटारसी / मुस्कान बालिका गृह में संरक्षण प्राप्त कर रही तीन बालिकाओं के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। संबंधित जिलों की बाल कल्याण समितियों के समन्वय से बालिकाओं को परिवार से जोड़ने और पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
हरदा जिले की एक पीड़ित बालिका गर्भावस्था के दौरान मुस्कान बालिका गृह में संरक्षण के लिए आई थी। संस्था ने उसकी देखभाल करते हुए सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था कराई। प्रसव के बाद बालिका और उसके शिशु, दोनों का ध्यान बालिका गृह में रखा गया। माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार हरदा बाल कल्याण समिति के माध्यम से आज बालिका को उसके शिशु सहित परिजनों के सुपुर्द कर परिवार में पुनर्वासित किया गया।
वहीं, नर्मदापुरम में मिली एक दिव्यांग बालिका लगभग दो वर्ष से मुस्कान बालिका गृह में रह रही थी। संस्था के प्रयासों से उसके घर का पता चला कि वह बैतूल जिले के शाहपुर क्षेत्र की रहने वाली है। इसकी सूचना बाल कल्याण समिति को दी गई। समिति द्वारा बैतूल की बाल कल्याण समिति से संपर्क किए जाने के बाद बालिका को आगे की पुनर्वास प्रक्रिया के लिए बैतूल पहुँचाया गया।
इसके अतिरिक्त, रायसेन जिले की पॉक्सो प्रकरण की पीड़ित एक बालिका को रायसेन बाल कल्याण समिति के माध्यम से उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
पाँच जिलों से आने वाली बालिकाओं के पुनर्वास के लिए निरंतर प्रयास….
मुस्कान बालिका गृह में लगातार पाँच जिलों से बालिकाएँ संरक्षण के लिए आ रही हैं। इनमें प्रेम संबंधों से जुड़ी परिस्थितियों में घर से निकली बालिकाएँ तथा पॉक्सो प्रकरणों की पीड़ित अनेक बच्चियाँ भी शामिल हैं। संस्था संबंधित सभी जिलों की बाल कल्याण समितियों से लगातार संपर्क कर परिवार की जानकारी जुटाने और आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित पुनर्वास के लिए प्रयास करती है।
बालिकाओं की देखभाल, परामर्श और सुरक्षा के साथ उन्हें उचित पारिवारिक वातावरण से जोड़ने के लिए संस्था का कार्य निरंतर जारी है।

