

नर्मदापुरम / इटारसी / आयुध निर्माणी क्षेत्र और स्कूल के आसपास पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की चहलकदमी से वहां के वाशिंदे दहशत में थे । लेकिन वन विभाग की मेहनत आखिरकार रंग लाई और तेंदुआ वन विभाग के जाल में फंस गया है। बताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में बकरे के शिकार के लालच में वह आया वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद स्थानीय रहवासियों और स्कूली बच्चों के परिजनों ने राहत की सांस ली है।वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 3 से 4 बजे के बीच तेंदुआ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री परिसर में लगाए गए पिंजरे के पास पहुंचा। वन विभाग द्वारा पिंजरे में बकरा बांधा गया था, जिसकी लालच में तेंदुआ आसानी से जाल में फंस गया। सुबह जैसे ही विभाग के मैदानी अमले को इसकी सूचना मिली, हड़कंप के साथ साथ राहत का माहौल बन गया।जब से यह तेंदुआ स्कूल परिसर और आवासीय कॉलोनियों के आसपास मंडराता नजर आ रहा था, तभी से वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। विभाग ने इलाके में पिंजरा लगाने के साथ-साथ कर्मचारियों की 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में ड्यूटी तय कर दी थी, जो लगातार तेंदुए की हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए थे। रेंजर अभिषेक शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों और वन्य प्राणी चिकित्सकों को मौके पर बुलाया जा रहा है। पिंजरे में कैद तेंदुए का पहले विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। यदि वह पूरी तरह स्वस्थ और फिट पाया जाता है, तो प्रोटोकॉल के तहत उसे सुरक्षित प्राकृतिक वास यानी घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में फॉरेस्ट गार्ड पांडरी विजय रैकवार और बागदेव चौकी प्रभारी अजय श्रीवास्तव सहित पूरी टीम मौके पर मुस्तैद रही।

